देहरादून: उत्तराखंड की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ गया है, और इसकी पटकथा लिखी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अद्भुत ‘राजनीतिक कैमिस्ट्री’ ने। निवेश के क्षेत्र में राज्य ने जो ऊंची छलांग लगाई है, उसके पीछे सीएम धामी की मेहनत और पीएम मोदी का मार्गदर्शन एक मजबूत आधार साबित हुआ है।
निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री धामी लगातार दिल्ली दरबार में सक्रिय रहे। प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर उन्होंने उत्तराखंड के लिए हर वह समर्थन जुटाया, जो निवेश के सपनों को हकीकत में बदलने के लिए जरूरी था। केंद्र सरकार के सहयोग और राज्य सरकार की संकल्पशक्ति के बीच यह तालमेल अब बड़े परिणाम दे रहा है।
कैमिस्ट्री का असर, निवेश की बारिश
उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के बाद से निवेश की जो लहर उठी थी, अब वह ज़मीन पर उतरने लगी है। प्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से कंपनियों और निवेशकों से संवाद किया, उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं को समझा और उन्हें सुविधाजनक माहौल देने का वादा किया—जिसे अब वह निभा भी रहे हैं।
केंद्र-राज्य सहयोग का सफल मॉडल बना उत्तराखंड
पीएम मोदी के नेतृत्व और समर्थन से मुख्यमंत्री धामी को उत्तराखंड के विकास की योजनाओं को गति देने में जबरदस्त बल मिला है। चाहे बात हो बुनियादी ढांचे की, लॉजिस्टिक्स की या नीतिगत सुधारों की—हर क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय का असर जमीन पर दिख रहा है।
निवेश का नया चेहरा बना उत्तराखंड
उत्तराखंड अब निवेश के मामले में सिर्फ आकांक्षी नहीं, बल्कि आकर्षक राज्य बनकर उभरा है। इस उपलब्धि के पीछे है एक स्पष्ट विजन, केंद्र से मजबूत समर्थन और एक सीएम की अडिग मेहनत, जो दिन-रात निवेशकों को उत्तराखंड की ओर खींचने में लगे रहे। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी की मजबूत कैमिस्ट्री ने उत्तराखंड को विकास के नए रास्ते पर ला खड़ा किया है। निवेश की ऊंची उड़ान अब राज्य के भविष्य को आर्थिक ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तैयार है।
