एएनआई: पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी में ‘भारत बंद’ के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं और लेफ्ट ट्रेड यूनियनों के समर्थकों के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। यह भारत बंद लेफ्ट पार्टियों की ट्रेड यूनियनों ने बुलाया था, जिन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की आर्थिक नीतियां मजदूरों के अधिकारों को कमजोर कर रही हैं। वहीं, केंद्र सरकार का दावा है कि ये सुधार अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए जा रहे हैं।
पुलिस मौजूद, फिर भी ट्रैक ब्लॉक
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लेफ्ट यूनियन के प्रदर्शनकारी जादवपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र पर कॉर्पोरेट हितों के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और नीतियों को मजदूर विरोधी बताया। प्रदर्शन के कारण लोकल ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
हेलमेट पहनकर ड्यूटी पर उतरे ड्राइवर
इधर, नॉर्थ बंगाल स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NBSTC) के ड्राइवर हेलमेट पहनकर ड्यूटी कर रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। राज्य सरकार ने ड्राइवरों को सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट बांटे हैं, हालांकि दार्जिलिंग हिल्स को इससे बाहर रखा गया है। एक ड्राइवर ने कहा, “हम मजदूर हैं, बंद का समर्थन करते हैं लेकिन काम भी करना है, इसलिए हेलमेट पहनकर सावधानी रख रहे हैं।”
सार्वजनिक परिवहन पर दिखा बंद का असर
जादवपुर 8B बस स्टैंड के पास भारी पुलिस तैनाती के बीच प्राइवेट और सरकारी बसें चल रही हैं, लेकिन ‘भारत बंद’ के चलते देशभर में सार्वजनिक परिवहन और अन्य सेवाओं पर असर देखा जा रहा है। वहीं, कई इलाकों में व्यापारिक प्रतिष्ठान भी आंशिक रूप से बंद रहे, जिससे आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई।
