पीटीआई: SC जाति आधारित जनगणना में लापरवाही के आरोप में बेंगलुरु महानगरपालिका (BBMP) के तीन अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने कहा कि अगर लोगों को सर्वे में गड़बड़ी का डर है तो वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन या घर-घर सर्वे, लोगों को मिलेगा विकल्प: सिद्दरमैया
सीएम ने कहा, “क्या ऑनलाइन आवेदन करने में कोई समस्या है? अगर लोग चाहेंगे तो हम ऑनलाइन भी गणना करेंगे और घर-घर जाकर भी सर्वे करेंगे। यह प्रक्रिया सिर्फ अनुसूचित जाति के लिए है।”
निलंबित अधिकारियों में राजस्व निरीक्षक रमेश, कर संग्रहकर्ता पेद्दाराजू और सेंथिल कुमार शामिल हैं, जो बीबीएमपी के राजस्व विभाग में कार्यरत थे।
बिना पूछे चिपका दिए स्टिकर, सर्वे का डाटा भी नहीं लिया
बीबीएमपी ईस्ट जोन की जोनल कमिश्नर स्नेहल आर ने आदेश में बताया कि गणना टीम को निर्देश था कि घरों में जाकर लोगों से बात कर पुष्टि करने के बाद ही सर्वे पूरा होने का स्टिकर चिपकाया जाए और मोबाइल ऐप से डाटा अपलोड किया जाए।
लेकिन जांच में सामने आया कि एचआरबीआर लेआउट में कर्मचारियों ने बिना घरवालों से संपर्क किए मनमाने ढंग से स्टिकर चिपका दिए। अधिकारियों ने इस लापरवाही पर ध्यान नहीं दिया और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया, जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया।
इसी तरह राजराजेश्वरी जोन में सेंथिल कुमार ने भी लापरवाही से काम किया, जिस पर उन्हें भी तत्काल निलंबित कर दिया गया।
यह कार्रवाई कर्नाटक में जाति आधारित गणना में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए की गई है, ताकि लोगों में भरोसा बना रहे और सही आंकड़े सामने आ सकें।
