देहरादून: उत्तराखंड एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (UANA) और उत्तराखंड सरकार के प्रवासी उत्तराखंडी सेल के संयुक्त प्रयास से पौड़ी, टिहरी और अल्मोड़ा जनपदों के चार ग्रामीण स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों को सीखने और संस्कृति से जोड़ने वाला समर कैंप आयोजित किया गया। इस 10 दिवसीय शिविर में शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों के ज़रिए विद्यार्थियों को एक नया अनुभव मिला।
पढ़ाई और प्रतिभा का मेल
डबरालस्यूं (पौड़ी) और पीएम श्री जीआईसी बल्ली में हुए समर कैंप में बच्चों को बुक रीडिंग, योगा, पर्यावरण शिक्षा, नुक्कड़ नाटक, लोक गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का प्रशिक्षण मिला। बल्ली कैंप के समापन पर 70 से अधिक छात्रों ने भाषण, नृत्य, नाटक और लोकसंस्कृति आधारित गतिविधियों में हिस्सा लिया।
गढ़वाली लोकनृत्य, हास्य नाटक और बहुसांस्कृतिक नृत्य (पंजाबी, बंगाली, राजस्थानी, मराठी) ने दर्शकों को रोमांचित किया और बच्चों में भाषाई व सांस्कृतिक विविधता के प्रति सम्मान भी पैदा किया।
अल्मोड़ा में भी बच्चों का जोश चरम पर
अल्मोड़ा जनपद के राजकीय जूनियर हाई स्कूल और रूप ज्योति पब्लिक स्कूल ग्वालकोट में 18 से 28 जून तक चले समर कैंप में भी बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस शिविर में स्थानीय विद्यार्थियों ने उत्साह और ऊर्जा के साथ रचनात्मक प्रदर्शन किया।
प्रवासी उत्तराखंडी सेल का सराहनीय प्रयास
प्रवासी उत्तराखंडी सेल के प्रभारी सुधीर चंद्र नौटियाल ने बताया कि इन समर कैंपों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को exposure देना, सीखने के वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध कराना और स्थानीय संस्कृति से जोड़ना है। यह पहल प्रवासी उत्तराखंडियों द्वारा अपने मूल राज्य से जुड़ाव और योगदान की एक प्रेरणादायक मिसाल है।
यह समर कैंप केवल एक छुट्टी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कृति और रचनात्मकता का उत्सव बना। प्रवासी उत्तराखंडियों की यह पहल राज्य के भविष्य – बच्चों को नया दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और मंच देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
