“ऋषिकुल से राष्ट्रनिर्माण का मंत्र: मुख्यमंत्री ने की श्रमिक कल्याण और अध्यात्मिक शोध संस्थान की बड़ी घोषणाएं”

 

 

हरिद्वार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित भारतीय मजदूर संघ उत्तराखंड के युवा कार्यकर्ता सम्मेलन एवं स्वर्णिम 70वर्षीय समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर न केवल मदन मोहन मालवीय राज्य शोध संस्थान की घोषणा की, बल्कि राज्य में श्रमिक कल्याण, युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धताओं को भी स्पष्ट किया।

ऋषिकुल में बनेगा योग-ध्यान और अध्यात्म का शोध केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकुल जैसे ऐतिहासिक संस्थान को पर्यटन, शिक्षा, आयुर्वेद, ध्यान और ज्योतिष के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए “मदन मोहन मालवीय राज्य शोध संस्थान” की स्थापना की जाएगी, जो न केवल अध्यात्मिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा बल्कि स्पिरिचुअल टूरिज्म के विकास में भी सहायक होगा।

श्रमिकों को बताया राष्ट्र निर्माण का आधार

मुख्यमंत्री ने भारतीय मजदूर संघ के सात दशकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन “श्रम योगी से राष्ट्र योगी” बनने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज ई-श्रम पोर्टल, इएसआई, बीमा योजनाएं, और रुद्रपुर टेक्निकल इंस्टीट्यूट में 75 मेधावी बच्चों को निःशुल्क तकनीकी शिक्षा जैसी योजनाएं श्रमिक हित में संचालित की जा रही हैं।

2047 के विकसित भारत में युवाओं की होगी अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, और यदि इस 65% युवा आबादी को सही मार्गदर्शन और कौशल मिले तो भारत शीघ्र ही वैश्विक महाशक्ति बन सकता है। उन्होंने स्किल इंडिया मिशन को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बताया।

चारधाम और राष्ट्रीय परियोजनाओं में श्रमिकों का योगदान अमूल्य

सीएम धामी ने बताया कि श्रीराम मंदिर, विश्वनाथ कॉरिडोर, बद्रीनाथ मास्टर प्लान और केदारनाथ पुनर्निर्माण जैसे प्रोजेक्ट्स में श्रमिकों की मेहनत का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की चारधाम यात्रा में अब तक 33 लाख से अधिक यात्री दर्शन कर चुके हैं, जो उत्तराखंड की तीव्र प्रगति का प्रमाण है।

नकल, दंगा और लैंड जिहाद पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 6500 एकड़ अवैध भूमि को मुक्त कराया गया है और नकल विरोधी कानून ने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। उन्होंने कहा कि दंगा नियंत्रण के लिए कठोर कानून, महिला सशक्तिकरण हेतु समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे निर्णयों ने उत्तराखंड को नीति निर्धारण में अग्रणी राज्य बना दिया है।

श्रमिकों की योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित

उन्होंने कहा कि 29 पुराने श्रम कानूनों को मिलाकर 4 सरल श्रम संहिताएं बनाई गई हैं, और ई-श्रम पोर्टल के जरिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है। श्रमयोगी मानधन योजना के तहत श्रमिकों को ₹1000 मासिक पेंशन की भी व्यवस्था की गई है।

उत्तराखंड बना नीति और संकल्प का रोल मॉडल

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि उत्तराखंड अब सिर्फ देवभूमि नहीं, बल्कि नीति, संकल्प और नवाचार की भूमि बन चुका है। प्रदेश महिला सशक्तिकरण, श्रमिक कल्याण, समान नागरिक संहिता, और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर देश को नई दिशा दे रहा है।

उत्तराखंड सरकार की नीतियों में राष्ट्र निर्माण, श्रमिक कल्याण और युवाओं का उत्थान एक साझा सूत्र बन चुका है। मुख्यमंत्री धामी का संबोधन यह स्पष्ट करता है कि देवभूमि अब विकास, नीति और नेतृत्व की भूमि बनने की ओर अग्रसर है।

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