देहरादून: “मैं एक मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में माताओं और बहनों की सेवा में उपस्थित हूँ।” — यह भावुक उद्गार रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन समारोह 2025 के अवसर पर व्यक्त किए। गढ़ीकैंट, देहरादून स्थित हरबंस कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आई महिलाओं को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और उनके लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति से अपील की कि अगर कभी कोई भी बहन या बेटी किसी परेशानी में हो, तो वह सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में संपर्क कर सकती है। उन्होंने वादा किया कि एक भाई के नाते वह स्वयं उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे।
जल सखी योजना और महिला समूहों को बड़ी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर महिलाओं के लिए एक नई योजना — “जल सखी योजना” शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, नए कनेक्शन, बिल वितरण और रखरखाव जैसे कामों की ज़िम्मेदारी महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपेगी। इससे न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उनका आत्मबल भी बढ़ेगा।
महिलाओं के सशक्तिकरण की मिसाल बनेगी उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का अभियान चल रहा है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, उज्ज्वला योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे कई कदम इसके उदाहरण हैं।
उत्तराखंड सरकार भी इस दिशा में पीछे नहीं है। महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के साथ-साथ “स्वयं सहायता समूहों” को करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता, और “हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड” के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच, राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
लखपति दीदी और सशक्त बहना उत्सव योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि “लखपति दीदी योजना” के अंतर्गत अब तक 1.63 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। वहीं “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” के जरिए 30 हजार से अधिक महिलाएं 5 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर चुकी हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि उत्तराखंड की महिलाएं उद्यमिता के क्षेत्र में भी किसी से कम नहीं हैं।
केंद्रीय मंत्री ने की योजनाओं की सराहना
समारोह में उपस्थित केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शौचालय निर्माण, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा तैयार हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना केंद्र और राज्य दोनों की प्राथमिकता रही है।
उपस्थित रहे कई प्रमुख चेहरे
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भाजपा युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष नेहा जोशी और प्रदेशभर से आई हजारों महिलाएं उपस्थित रहीं। पूरे समारोह में मातृशक्ति के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता बार-बार झलकती रही।
रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर मुख्यमंत्री धामी का यह भावनात्मक और योजनाओं से परिपूर्ण संबोधन माताओं और बहनों के लिए न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं को सशक्तिकरण की मुख्यधारा में लाने के लिए ठोस कार्य कर रही है। “भाई” के रूप में मुख्यमंत्री की यह भूमिका, महिलाओं के विश्वास और सशक्त भविष्य की ओर एक मजबूत कदम है।
