नई दिल्ली: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हाल ही में हुई टेलीफोनिक बातचीत की आधिकारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले की गंभीरता को साझा करते हुए भारत की आतंकवाद के खिलाफ मजबूत नीति और ऑपरेशन सिंदूर के तहत की जा रही कार्रवाई से राष्ट्रपति ट्रम्प को अवगत कराया।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा है और इस संदर्भ में अमेरिका या किसी अन्य देश के साथ व्यापारिक या रणनीतिक कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने दोहराया कि भारत किसी भी स्थिति में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को न पहले स्वीकार करता था और न ही भविष्य में करेगा।
विदेश सचिव के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को यह भी बताया कि भारत अब आतंकी हमलों को सिर्फ छद्म युद्ध के रूप में नहीं देखता, बल्कि इसे देश की संप्रभुता पर सीधा हमला मानता है, और इसका जवाब भी भारत सख्त और निर्णायक ढंग से देगा।
बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका यात्रा के दौरान व्यक्तिगत रूप से मिलने का निमंत्रण भी दिया। हालांकि, प्रधानमंत्री ने पहले से निर्धारित कार्यक्रमों के चलते इस निमंत्रण को विनम्रता से अस्वीकार कर दिया।
दोनों नेताओं ने भविष्य में निकट समय में मुलाकात करने की इच्छा भी जताई और परस्पर सहयोग को मजबूत बनाए रखने के लिए निरंतर संपर्क में रहने पर सहमति दी।
