राष्ट्रीय खेलों में ‘सेहत की सुरक्षा’ का महाकुंभ: 141 मेडिकल टीम अलर्ट, हेली एंबुलेंस तक की सुविधा तैयार

 

TMP : 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान खिलाड़ियों और मेहमानों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के लिए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने जबरदस्त इंतजाम किए हैं। 28 जनवरी से 14 फरवरी तक 141 मेडिकल टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी। आपात स्थिति में खिलाड़ियों को एंबुलेंस से लेकर हेली एंबुलेंस तक की सुविधा मिलेगी।

खास इंतजाम: हर स्तर पर मेडिकल सुविधा

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार, राज्य और जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। प्रमुख खेल स्थलों जैसे महाराणा प्रताप स्टेडियम, रायपुर (देहरादून) में 10-बेड का अस्पताल और हल्द्वानी के आईजीआईसीएस स्टेडियम में 2-बेड का अस्पताल खिलाड़ियों की सेवा के लिए संचालित किया जाएगा।

नोडल अधिकारी और विशेषज्ञों की तैनाती

  • कुमाऊं मंडल के लिए डॉ. तरुण टम्टा (स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ) और गढ़वाल मंडल के लिए डॉ. के.एस. नेगी को जिम्मेदारी दी गई है।
  • प्रत्येक जिले में चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, और फिजियोथेरेपिस्ट ऑन-कॉल 24/7 उपलब्ध रहेंगे।
  • खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुसार पर्याप्त दवाइयां और आधुनिक उपकरण भी तैयार किए जा रहे हैं।

एंबुलेंस और मेडिकल टीमें हर समय तैयार

  • 115 एंबुलेंस मैदान में तैनात रहेंगी, जिनमें 108 सेवा की एंबुलेंस भी शामिल हैं।
  • हर खेल स्थल पर ALS (एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट) और BLS (बेसिक लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस तैनात रहेंगी।
  • जरूरत पड़ने पर हेली एंबुलेंस से एयरलिफ्ट की सुविधा उपलब्ध होगी।

एम्स ऋषिकेश का योगदान

एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सेंटर में 5-बेड रिजर्व रखे गए हैं। इसके साथ ही, 50 चिकित्साधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि आपात स्थिति में कुशल सेवाएं प्रदान की जा सकें।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां – आंकड़ों में

  • 150 डॉक्टर, 300 नर्सिंग स्टाफ, 25 फिजियोथेरेपिस्ट, 30 फार्मासिस्ट, और 50 वार्ड ब्वॉय तैनात।
  • हर खेल शिफ्ट में 1 डॉक्टर, 2 नर्सिंग स्टाफ, 2 फिजियोथेरेपिस्ट और 1 वार्ड ब्वॉय की टीम सक्रिय रहेगी।
  • हर जिला चिकित्सालय में 3 एंबुलेंस 24/7 स्टैंडबाय पर रहेंगी।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा,
“राष्ट्रीय खेल हमारे राज्य के लिए गौरव का क्षण है। खिलाड़ियों और मेहमानों को उच्चतम स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा गया है।”

खेल और स्वास्थ्य का संगम

राष्ट्रीय खेल न केवल खिलाड़ियों के कौशल का मंच है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा की यह तैयारी उत्तराखंड को देशभर में अलग पहचान दिलाने के लिए तैयार है। “खेल भावना और सेहत का ये गठजोड़ बेमिसाल होगा।”

 

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