TMP: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने नए दौर के संघर्षों में पारंपरिक हथियारों के साथ सिविलियन वस्तुओं और तकनीक के हथियार के रूप में इस्तेमाल को बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने सरकारी और निजी रक्षा उद्योगों से इस प्रवृत्ति का गहराई से अध्ययन करने और विशिष्ट नई तकनीकों को विकसित करने पर जोर दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पारंपरिक हथियारों के अलावा कई नागरिक उपयोग की तकनीकें भी अब युद्ध का हिस्सा बन रही हैं। उन्होंने इजरायल और लेबनान के बीच हालिया संघर्ष का उदाहरण देते हुए इस दिशा में अनुसंधान और विकास को तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि भविष्य के खतरों से निपटने में भारतीय सेना को सशक्त किया जा सके। सरकार ने रक्षा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए उद्योगों को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।