“गढ़वाल राइफल्स का नाम सुनते ही दुश्मन कांपता है”, सैनिक सम्मेलन में बोले राज्यपाल गुरमीत सिंह

 

 

 

 

लैंसडौन (पौड़ी): उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने गढ़वाल राइफल्स की वीरता और बलिदान को देश की सैन्य परंपरा का गौरव बताते हुए कहा कि इस रेजिमेंट ने 139 वर्षों से राष्ट्र की सुरक्षा में अद्वितीय योगदान दिया है।

रविवार को लैंसडौन स्थित गढ़वाल राइफल्स में आयोजित सैनिक सम्मेलन में राज्यपाल ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि “गढ़वाल राइफल्स का नाम सुनते ही दुश्मन कांपता है।” उन्होंने कहा कि प्रथम विश्व युद्ध से लेकर कारगिल युद्ध तक इस रेजिमेंट ने विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस, अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया है।

“हर युद्ध में लिखी शौर्य की नई इबारत”

राज्यपाल ने कहा कि गढ़वाल राइफल्स केवल एक सैन्य इकाई नहीं, बल्कि देशभक्ति, त्याग और वीरता की जीवंत मिसाल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी रेजिमेंट देश रक्षा के साथ हर चुनौतीपूर्ण मोर्चे पर अपने कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन कर रही है।

उन्होंने उत्तराखंड को वीर सैनिकों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां लगभग हर परिवार का सेना से जुड़ाव रहा है और युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना जन्मजात होती है।

वीर नारियों को बताया राष्ट्र की शक्ति

सम्मेलन के दौरान राज्यपाल ने वीर नारियों को राष्ट्र की शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि सैनिकों के बलिदान के पीछे उनके परिवारों, विशेषकर वीर नारियों का असाधारण धैर्य और साहस होता है।

गढ़वाल राइफल्स की ओर से राष्ट्र रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों की वीर नारियों को सम्मानित किया गया। जैसे ही वीर नारियां मंच पर पहुंचीं, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सैनिकों, पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने खड़े होकर उनका सम्मान किया। यह पल सम्मेलन का सबसे भावुक और गौरवपूर्ण दृश्य बन गया।

युद्ध स्मारक पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सेना के युद्ध स्मारक पहुंचकर मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स के जवानों ने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है और उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

सैनिकों में भरा नया उत्साह

ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने कहा कि राज्यपाल के स्नेह और मार्गदर्शन से जवानों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि सैनिक और अधिक समर्पण तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र सेवा में योगदान देंगे।

सम्मेलन में सेंटर सूबेदार मेजर नंदकिशोर सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

विकास योजनाओं की भी ली समीक्षा

लैंसडौन दौरे के दौरान राज्यपाल ने समीक्षा बैठक कर जनपद में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने उन्हें पालकोट एडवेंचर पार्क, लैंसडौन पेयजल योजना, गुमखाल-सतपुली सड़क, विज्ञान संग्रहालय, नयार वैली फेस्टिवल, गंगा संस्कृति केंद्र, हेरिटेज म्यूजियम और धारी देवी मंदिर के प्रकाशीकरण सहित कई परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।

मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए गोट वैली, दुग्ध फार्मिंग, हर्बल चाय यूनिट, मसाला यूनिट, होमस्टे और पिरूल यूनिट जैसे मॉडल प्रस्तुत किए।

बैठक में डीएफओ कालागढ़ एस. तरुण, एएसपी मनोज कुमार ठाकुर, सीओ निहारिका सेमवाल, सीएमओ शिव मोहन शुक्ला सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

 
 
 
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