श्रीनगर गढ़वाल (पौड़ी): भारतीय सेनाओं के प्रमुख जनरल अनिल चौहान अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान पहली बार अपने पैतृक गांव गवाणा पहुंचे। गांव पहुंचने पर स्वजनों और ग्रामीणों ने उनका ढोल-दमाऊं और फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया।
सीडीएस चौहान ने अपने पैतृक घर में कुलदेवी की सपत्नीक पूजा-अर्चना की और गांव के बुजुर्गों, युवाओं व महिलाओं से आत्मीय मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान वे भावुक नजर आए और कहा कि भले ही पहली बार गांव आए हैं, लेकिन अपने गांव की याद हमेशा दिल में रही।
उन्होंने बताया कि उनके 97 वर्षीय पिता सुरेंद्र सिंह चौहान अक्सर उन्हें गांव की बातें बताते रहते थे। उन्होंने कहा कि सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद वह गांव से जुड़ाव और मजबूत करेंगे तथा समय-समय पर यहां आते रहेंगे।
इससे पहले सीडीएस सुबह हेलीकॉप्टर से चौरास हेलीपैड पहुंचे, जहां से वे देवलगढ़ पहुंचे और माता गौरा देवी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे गवाणा गांव पहुंचे, जहां हर मोड़ पर महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया।
गांव के पंचायत चौक में ग्रामीणों ने उन्हें प्रतीक चिन्ह, सम्मान पट और पारंपरिक ‘कलेऊ’ भेंट कर सम्मानित किया। सीडीएस ने ग्रामीणों के स्नेह के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए अमूल्य है।
उन्होंने कहा कि 40 वर्षों के सेवाकाल में गांव आने का अवसर नहीं मिल पाया, लेकिन उत्तराखंड दौरे के दौरान वह हमेशा गांव के लोगों से जुड़े रहने का प्रयास करते रहे।
इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रीय विकास, विशेषकर सड़क सुविधा को लेकर भी जनप्रतिनिधियों से चर्चा का उल्लेख किया।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने अपने बीच देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी का स्वागत कर गौरव का अनुभव किया।