देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद उत्तराखंड में दूसरी औद्योगिक क्रांति का सूत्रपात हुआ है और इस परिवर्तन का सबसे बड़ा लाभ महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को मिलना चाहिए। उन्होंने इसे राज्य की मातृशक्ति के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का एक ऐतिहासिक अवसर बताया।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को सचिवालय से राज्य के 95 विकासखंडों के महिला स्वयं सहायता समूहों से वर्चुअल संवाद करते हुए इस दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और निर्देश दिए।
महिला SHGs के उत्पाद होंगे सभी सरकारी आयोजनों का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार के सभी सरकारी कार्यक्रमों, बैठकों और समारोहों में केवल महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार शॉल, स्मृति चिन्ह व भेंट सामग्री ही उपयोग में लाई जाए। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मातृशक्ति की उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ये भी पढ़ें – उत्तराखंड में बारिश का कहर: जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जिलों में स्कूल बंद, गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब
SHG महिलाओं को ग्रोथ सेंटर में मिलेगा प्रशिक्षण, क्वालिटी और पैकेजिंग पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे SHG से जुड़ी महिलाओं को ग्रोथ सेंटरों में प्रशिक्षण दिलवाएं, उनके उत्पादों को ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे अम्ब्रेला ब्रांड से जोड़ा जाए, और उत्पादों की गुणवत्ता व पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम लखपति दीदी को करोड़पति दीदी में बदलने के विजन के साथ आगे बढ़ें।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बिक्री बढ़ाने पर भी ज़ोर
मुख्यमंत्री ने SHG समूहों से उनके डिजिटल बिक्री प्लेटफॉर्म के उपयोग की स्थिति की जानकारी ली और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन समूहों को ई-कॉमर्स व डिजिटल मार्केटिंग में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में अब स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर लाने की आवश्यकता है।
“मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” बनी बदलाव की मिसाल
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 में शुरू की गई “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” को एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से 27,000 से अधिक स्टॉल्स लगाई गईं और 7 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री हुई। इसके साथ ही राज्यभर में 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट्स, 17 सरस सेंटर, 8 बेकरी यूनिट्स और 3 राज्य स्तरीय विपणन केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं।
रेलवे स्टेशनों से लेकर चारधाम तक महिला उत्पादों का दबदबा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट योजना’ के तहत देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों पर महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही चारधाम यात्रा मार्गों पर सैकड़ों आउटलेट्स के ज़रिए SHG उत्पादों की बिक्री हो रही है।
68 हजार SHG और 5 लाख महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर भारत की प्रेरणा
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि आज राज्य में 68,000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 5 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो 7,000 ग्राम्य संगठनों और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के ज़रिए सामूहिक नेतृत्व की एक सशक्त मिसाल पेश कर रही हैं।
“Hilans” और “House of Himalayas” ब्रांड से मिल रही वैश्विक पहचान
राज्य सरकार Hilans और House of Himalayas जैसे ब्रांडों के माध्यम से SHG उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में जुटी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, स्थानीय व्यंजन और शिल्पकला को दुनिया तक पहुंचाने का समय आ गया है।
मुख्यमंत्री का स्वदेशी आग्रह
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के आह्वान को दोहराते हुए सभी से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उत्तराखंड अग्रणी भूमिका निभा सके।
सरकार का संकल्प – मातृशक्ति को नेतृत्व में लाना
मुख्यमंत्री ने अंत में महिला SHGs से आग्रह किया कि वे सरकार को सुझाव दें कि कैसे महिलाओं को और बेहतर स्वरोजगार, प्रशिक्षण, विपणन और सशक्तिकरण का लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा, “आपका यह भाई, यह बेटा – आपके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है और हमेशा रहेगा।”
