देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए विश्वविद्यालय को ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी संस्थानों में आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं का विकास और फैकल्टी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
पर्वतीय परिसरों में संसाधन बढ़ाने पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों को आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से वहां संचालित पाठ्यक्रमों में छात्रों की संख्या बढ़ेगी। इससे जिन उद्देश्यों के लिए इन परिसरों की स्थापना की गई है, उनकी सार्थक पूर्ति भी हो सकेगी।
हॉस्टल व आवासीय भवन निर्माण के प्रस्ताव मांगे
मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय को निर्देश दिए कि प्रौद्योगिकी संस्थान—
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गोपेश्वर
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पिथौरागढ़
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टनकपुर
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बौन (उत्तरकाशी)
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डब्ल्यू.आई.टी. देहरादून
में हॉस्टल निर्माण सहित अन्य आवश्यक आवासीय भवनों के निर्माण के प्रस्ताव तैयार किए जाएं, ताकि छात्रों के साथ-साथ प्रमुख फैकल्टी को भी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
आय के संसाधन बढ़ाने और व्यय प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय से कहा कि वह अपने आय के संसाधनों में वृद्धि के साथ-साथ अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर होने वाले व्यय से संबंधित प्रस्ताव भी प्रस्तुत करे, ताकि शासन स्तर पर उन पर विचार कर नीतिगत निर्णय लिया जा सके।
उन्होंने कहा कि छात्रों को इन संस्थानों में अध्ययन के लिए आकर्षित करने हेतु हॉस्टल, फैकल्टी, आधुनिक उपकरण एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।
विस्तृत कार्ययोजना शासन को भेजने के निर्देश
मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय की कुलपति से अपेक्षा की कि विश्वविद्यालय परिसरों के संचालन को और बेहतर बनाने से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराए जाएं। प्रस्तावों में अवस्थापना विकास पर आने वाले व्यय भार को भी स्पष्ट किया जाए, ताकि वित्त विभाग से परामर्श के बाद इन्हें कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
कुलपति का प्रस्तुतिकरण
बैठक में विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय के कार्य-कलापों, परिसरों में उपलब्ध संसाधनों और वर्तमान अवस्थापना सुविधाओं की जानकारी दी।
