साइबर फ्रॉड पर संसद में चिंता, सजा दर पर उठे सवाल

 

पीटीआई: देश में साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर गुरुवार को संसद में जोरदार चर्चा हुई। सांसदों ने अपराध के बढ़ते ग्राफ और बेहद कम सजा दर पर गहरी चिंता जताई। कुछ सांसदों ने कहा कि सजा न मिलने से अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं।


चार साल में 2000 केस, सजा सिर्फ दो में

गृह मामलों पर संसदीय स्थायी समिति ने बुधवार और गुरुवार को पूरे दिन बैठक कर ‘साइबर क्राइम – परिणाम, सुरक्षा और रोकथाम’ पर चर्चा की। बैठक में सीबीआई, एनआईए, वित्त मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट समेत कई एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट रखी।

एक सांसद ने बताया कि मुंबई में चार साल में 2000 से ज्यादा केस दर्ज हुए, लेकिन सिर्फ दो में ही सजा हुई। इस पर कई सांसदों ने न्याय प्रक्रिया में तेजी और सजा दर बढ़ाने की मांग की।


म्यूल अकाउंट फ्रीज, विदेशों में सक्रिय गिरोह पर भी चर्चा

जांच एजेंसियों ने बताया कि लाखों म्यूल अकाउंट फ्रीज किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर ठगी में किया जा रहा था। सांसदों ने जागरूकता अभियान बढ़ाने, हेल्पलाइन 1930 की दिक्कतें दूर करने और एजेंसियों में बेहतर समन्वय की जरूरत पर जोर दिया।

इसके अलावा, रोजगार का झांसा देकर भारतीयों को दक्षिण-पूर्व एशिया में साइबर गिरोहों में जबरन काम कराने के मामलों पर भी चर्चा हुई।

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