महिला उत्पादों को बाजार से ग्लोबल पहचान तक, धामी सरकार का फोकस; 13 जिलों के लिए बनेगा सेंटर

 

 

 

देहरादून: मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने महिलाओं से अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

शनिवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने महिला समूहों और उद्यमियों से सीधा संवाद किया। महिलाओं ने सरकारी योजनाओं से जुड़े अनुभव साझा करने के साथ विभिन्न सुझाव भी रखे।

महिला उद्यमियों के लिए आसान ऋण और कौशल विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास और उत्पादों की वैश्विक पहुंच के लिए सहयोग दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के जरिए महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के साथ आसान ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसे वर्षभर लागू करने पर भी विचार किया जाएगा।

13 जिलों के उत्पाद एक सेंटर पर मिलेंगे

महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े कारोबारी समूहों में विकसित करने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से उत्तराखंड की महिलाओं के विशिष्ट उत्पादों को बाजार में पहचान मिल रही है।

देहरादून के सहस्रधारा रोड पर एक बड़ा सेंटर विकसित किया जा रहा है। इसमें सभी 13 जिलों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर बिक्री

मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला समूहों के उत्पादों को मेलों और आयोजनों के अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डों पर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद ऑनलाइन भी खरीदे जा सकते हैं।

उन्होंने महिला उद्यमियों से उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान देने की अपील की। मुख्यमंत्री के अनुसार, गुणवत्ता के आधार पर उपभोक्ताओं का भरोसा कायम होने से बिक्री के अवसर बढ़ेंगे।

संघर्ष की कहानी सुनाकर भावुक हुई महिला लाभार्थी

कार्यक्रम के संवाद सत्र में एक महिला लाभार्थी ने अपने जीवन के कठिन दौर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक समय परिवार का घर बिक गया था और बच्चों के लिए भोजन जुटाना भी मुश्किल हो गया था। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने दोबारा परिवार को संभाला।

महिला ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर आधारित गीत भी प्रस्तुत किया। इसमें बिना ब्याज ऋण, लखपति दीदी योजना और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को मिल रहे सहयोग का उल्लेख किया गया।

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