PM मोदी के नेतृत्व में ब्रिक्स की बड़ी कूटनीतिक जीत, पहलगाम हमले पर साझा निंदा

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नई दिल्ली : ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन पर सदस्य देशों ने नई दिल्ली घोषणापत्र स्वीकार किया। किसी सदस्य देश की आपत्ति सामने नहीं आई। घोषणापत्र में विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने के साथ वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया गया।

भारत के लिए घोषणापत्र का अहम पहलू पहलगाम आतंकी हमले की निंदा है। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत बताते हुए आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों और उनकी फंडिंग पर रोक लगाने की बात कही। साथ ही आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़ने का विरोध किया गया।

मोदी बोले- संकल्पों को नतीजों में बदलना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के समापन सत्र में कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच विचारों में विविधता के बावजूद सहयोग को लेकर साझा प्रतिबद्धता स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच पुराने संस्थानों में सुधार जरूरी है।

BRICS New Delhi Declaration | We reaffirm our commitment to the BRICS spirit of mutual respect and understanding, sovereign equality, solidarity, democracy, openness, inclusiveness, collaboration and consensus. Building on two decades of BRICS, we further commit ourselves to… pic.twitter.com/h2Q9N7S86h

— ANI (@ANI) September 12, 2026

मोदी ने वैश्विक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व और जवाबदेही बढ़ाने तथा नियम बनाने की प्रक्रिया में ग्लोबल साउथ की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली घोषणापत्र साझा लक्ष्यों की दिशा तय करता है, अब इन्हें ठोस परिणामों में बदलने की जिम्मेदारी है।

ग्लोबल साउथ की भूमिका बढ़ाने पर जोर

प्रधानमंत्री ने वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार के लिए अगले शिखर सम्मेलन तक 10 प्रस्तावों को तैयार कर ब्रिक्स सुधार रोडमैप बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकटों का सामना करने वाला ग्लोबल साउथ निर्णय लेने की प्रक्रिया में अभी भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व से दूर है।

मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल सुधार की जरूरत भी दोहराई। उनका कहना था कि वैश्विक संस्थाओं में सत्ता और निर्णय लेने की व्यवस्था को अधिक सहभागी बनाना होगा।

Sharing my concluding remarks during the BRICS Summit. pic.twitter.com/PNkEBxAD3O

 — Narendra Modi (@narendramodi) September 12, 2026

टैरिफ और सप्लाई चेन पर भी चिंता

घोषणापत्र में अमेरिका की ओर से बार-बार टैरिफ की धमकियों को लेकर चिंता जताई गई। ब्रिक्स देशों से वैश्विक व्यापार व्यवस्था, सप्लाई चेन और ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की अपील की गई।

मोदी ने सप्लाई चेन में किसी भी तरह के व्यवधान से बचने पर जोर दिया। उन्होंने नाविकों की सुरक्षा के लिए ब्रिक्स देशों के बीच नाविक नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव भी रखा।

कई देशों के प्रमुख सम्मेलन में रहे मौजूद

समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो समेत कई देशों के नेता शामिल हुए।

 
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