देहरादून: बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस के केंद्र में आ गया है। भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर से जुड़ी एक महिला द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वीडियो में कथित तौर पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं और एक तथाकथित “वीआईपी” का उल्लेख किया गया है, जिससे प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
वीडियो सामने आने के बाद न सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है, बल्कि भाजपा के भीतर भी हलचल देखने को मिल रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व जिला पंचायत सदस्य और भाजपा की महिला नेता आरती गौड़ ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कदम से मामला और अधिक गरमा गया है।
दरअसल, वीडियो में आरती गौड़ पर आरोप लगाया गया है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित आर्या के रिसॉर्ट को गिराने के लिए जेसीबी भेजने में उनकी भूमिका रही। इसके साथ ही उन पर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों के बाद आरती गौड़ ने सोशल मीडिया के माध्यम से सफाई पेश करते हुए खुद को निर्दोष बताया।
अपने इस्तीफे में आरती गौड़ ने कहा कि उन्हें एक साजिश के तहत इस मामले में घसीटा जा रहा है। उन्होंने लिखा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच नहीं हो जाती, तब तक वे नैतिक आधार पर भाजपा की सदस्यता से अलग रहना उचित समझती हैं।
वहीं, भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि पार्टी को फिलहाल ऐसे किसी औपचारिक इस्तीफे की जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई पत्र प्राप्त होता है, तो पार्टी स्तर पर उस पर विचार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया।
उल्लेखनीय है कि अंकिता भंडारी यमकेश्वर क्षेत्र स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में कार्यरत थीं। यह रिसॉर्ट पुलकित आर्या का था, जिसे घटना के कुछ ही समय बाद ध्वस्त कर दिया गया था। उस कार्रवाई को लेकर भी सबूत मिटाने जैसे आरोप पहले से ही उठते रहे हैं।
नए वीडियो, आरोपों और इस्तीफे के बाद यह मामला एक बार फिर राज्य की राजनीति में उबाल ला रहा है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
