रामनगर: विदेश में रह रहे बलबीर सिंह की जमीन पर किस तरह फर्जी दस्तावेज़ों के जाल के जरिए कब्जा किया गया, यह सुनकर कोई भी दंग रह जाएगा। आरोप है कि राजनीतिक नेता राजेश पाल और चंद्रशेखर उर्फ चंदन ने मिलकर बलबीर की अनुपस्थिति का फायदा उठाया।
नकली पहचान, असली नुकसान
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2008 का जाति और स्थायी निवास प्रमाण पत्र बदलकर इसे 2023 में नकली बलबीर के नाम कर दिया गया।
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इस जालसाजी के आधार पर आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी में भी नाम बदलवाया गया।
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नकली बलबीर ने जमीन की रजिस्ट्री अपने और अपने साथियों के नाम करवाई।
हड़प ली गई पूरी संपत्ति
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असली बलबीर की जमीन ही नहीं, उनके भाई-बंधुओं की हिस्सेदारी भी इस गिरोह ने अवैध तरीके से अपने कब्जे में ले ली।
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चंदन और राजेश पाल खुद ज्यादातर रजिस्ट्रियों के गवाह बने।
प्रशासन की कार्रवाई
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रामनगर कोतवाली के एसएसआई यूनुस खान ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं 336(3), 338 और 340(2) में मुकदमा दर्ज किया।
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पीरूमदारा चौकी प्रभारी सुनील धानिक मामले की जांच कर रहे हैं।
स्थानीय नाराज़गी
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला गंभीर है। फर्जी दस्तावेज़ और सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग—ये सब दर्शाता है कि करोड़ों की संपत्ति सुरक्षित नहीं है।
