देहरादून: उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन को लेकर लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही। ताज़ा मामला हेरिटेज एविएशन का है, जिसने यूकाडा (उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण) द्वारा अनुमति निरस्त किए जाने के बावजूद अपने हेलीकॉप्टर को खराब मौसम में केदारनाथ धाम के लिए उड़ान भरवा दी — वो भी यात्रियों को साथ लेकर।
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए यूकाडा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए हेरिटेज एविएशन के हेलीकॉप्टर संचालन पर रोक लगा दी है। अब यह हेलीकॉप्टर यूकाडा के किसी भी हेलीपैड से उड़ान नहीं भर सकेगा। साथ ही मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है।
बताया गया है कि सोमवार को हेरिटेज एविएशन ने दोपहर 2 बजे देहरादून से केदारनाथ के लिए उड़ान की अनुमति मांगी, जो शुरू में स्वीकृत हुई, लेकिन मौसम खराब होने के चलते बाद में निरस्त कर दी गई। इसके बावजूद शाम करीब 5 बजे हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी और यूकाडा कर्मचारियों के रोकने के बावजूद केदारनाथ पहुंच गया।
इस हेलीकॉप्टर में बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी समेत दो अन्य यात्री सवार थे। केदारनाथ में मौसम अत्यधिक खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर को वहीं रुकना पड़ा और अगले दिन लौट पाया।
उत्तराखंड में इस वर्ष अब तक पांच हेलीकॉप्टर हादसों में 13 लोगों की जान जा चुकी है, इसके बावजूद हेली कंपनियों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही। यह मामला फिर साबित करता है कि कुछ कंपनियां लाभ के आगे नियम और सुरक्षा को तवज्जो नहीं दे रहीं।
यूकाडा के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय टोलिया ने बताया कि जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
