TMP- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने राजस्व वृद्धि के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में (अप्रैल से नवंबर) 650 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 325.19 करोड़ रुपये अधिक है। यह वृद्धि लगभग 100% है, जो राज्य की प्रभावी नीतियों और पारदर्शिता का प्रमाण है।
कैसे हुई यह बढ़ोतरी
-
खनन नीति में सुधार:
उत्तराखंड उपखनिज परिहार नियमावली और स्टोन क्रेशर नीति का सरलीकरण।- ई-निविदा और ई-नीलामी: नई खनिज लॉट्स की डिजिटल प्रक्रिया से आवंटन।
- अवैध खनन पर सख्ती: प्रवर्तन दल द्वारा निगरानी और कार्यवाही।
-
डिजिटल क्रांति:
- ई-रवन्ना पोर्टल का उन्नयन और 45 माइन चेक गेट्स की स्थापना।
- Mining Digital Transformation and Surveillance System (MDTSS) के जरिए पारदर्शी खनन।
पिछले वर्षों की प्रगति
- 2022-23 में 472.25 करोड़ का राजस्व।
- 2023-24 में 645.42 करोड़, जो पिछले वर्ष से 40% अधिक।
भविष्य की राह
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के खनन कार्य को पारदर्शी और आधुनिक बनाने का संकल्प लिया है। आईटीआई लिमिटेड के साथ समझौता कर डिजिटल प्रणाली को लागू किया जा रहा है, जिससे राजस्व में और वृद्धि की उम्मीद है।
Related posts:
CUET केंद्रों पर बवाल: उत्तराखंड के छात्रों को क्यों भेजा जा रहा 500 KM दूर?
ईगास-बग्वाल के साथ शुरू होगा उत्तराखण्ड राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष का उत्सव
"आर्थिक सशक्तिकरण के बिना समग्र विकास संभव नहीं" - ऋतु खंडूड़ी भूषण
CM धामी ने हनुमान जन्मोत्सव पर किया सुंदरकांड पाठ
हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के चुनावी नतीजों पर टिकी नज़रें, BJP के लिए सियासी माहौल बदलने का खतरा
(Visited 4,417 times, 1 visits today)
