नई दिल्ली: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम हुए कार धमाके में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हैं। धमाके के बाद दिल्ली पुलिस, एनआईए, एनएसजी और खुफिया एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है।
मंगलवार को एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी) की टीम मौके पर जांच करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमाका CNG लीकेज, विस्फोटक पदार्थ, या किसी रासायनिक प्रक्रिया की वजह से हुआ।
तीन डॉक्टरों की गिरफ्तारी से बढ़ा शक
लाल किला विस्फोट से ठीक पहले देश के तीन अलग-अलग राज्यों से तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई थी — जिनमें तीनों डॉक्टर बताए जा रहे हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन गिरफ्तारियों और दिल्ली धमाके के बीच कोई आतंकी कड़ी तो नहीं।
1. गुजरात से डॉक्टर अहमद मोहियुद्दीन सैयद की गिरफ्तारी
गुजरात एटीएस ने गांधीनगर के पास अदलाज कस्बे से डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद को गिरफ्तार किया।
उनके पास से बरामद हुआ:
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तीन पिस्तौलें (दो ऑस्ट्रियाई ग्लॉक और एक इतालवी बेरेटा)
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भारी मात्रा में गोला-बारूद
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और चार लीटर अरंडी का तेल, जिससे ‘राइसिन’ नामक अत्यंत विषैला जैविक पदार्थ तैयार किया जा सकता है।
राइसिन शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश कर प्रोटीन उत्पादन रोक देता है, जिससे अंग फेल्योर और मौत तक हो सकती है।
2. फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल शकील की गिरफ्तारी
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद में दो इमारतों पर छापेमारी कर करीब 3,000 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की।
इसमें शामिल था:
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350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट
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डेटोनेटर, दो असॉल्ट राइफलें और भारी मात्रा में कारतूस।
शकील फरीदाबाद के अल-फलाह अस्पताल में डॉक्टर था और यह जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार दूसरा डॉक्टर है।
3. सहारनपुर से डॉ. आदिल अहमद राठेर की गिरफ्तारी
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) से डॉ. आदिल अहमद राठेर को उस वक्त पकड़ा गया जब सीसीटीवी फुटेज में वह जैश-ए-मोहम्मद की तारीफ में पोस्टर लगाते हुए नजर आया। जांच में उसका संबंध कश्मीर के नौगाम क्षेत्र में सक्रिय एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन से बताया जा रहा है।
इसके अलावा पुलिस ने एक चौथे डॉक्टर शाहीन शाहिद को भी हिरासत में लिया है, जिसने शकील को अपनी मारुति स्विफ्ट कार में असॉल्ट राइफल और गोला-बारूद रखने की अनुमति दी थी।
जांच के केंद्र में लाल किला विस्फोट
सोमवार शाम करीब 6:55 बजे, लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास, सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल पर हरियाणा नंबर प्लेट (HR26 CE 7674) वाली हुंडई i20 कार में धमाका हुआ।
विस्फोट इतना तेज था कि आसपास की कई गाड़ियों में आग लग गई। मौके पर मौजूद फायर ब्रिगेड की 10 से अधिक गाड़ियां आग बुझाने में लगीं।
अब खुफिया एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या तीनों डॉक्टरों का नेटवर्क इस धमाके से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़ा था।
हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से किसी भी आतंकी कनेक्शन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
