पुलिस मुख्यालय में ADG वी. मुरुगेशन ने बताई जांच की टाइमलाइन SIT ने जुटाए थे डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्य

 

 

 

देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच से लेकर दोषियों को सजा दिलाने तक की कार्रवाई को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने अपना पक्ष रखा है। गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया कि मामले में तीनों आरोपियों को घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद विशेष जांच दल (SIT) ने 88 दिनों में जांच पूरी कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।

महिला IPS अधिकारी की अगुवाई में हुई जांच

ADG ने बताया कि सितंबर 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या के मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर SIT गठित की गई थी। DIG स्तर की महिला IPS अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई, ताकि मामले की विस्तृत जांच की जा सके।

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए गए। आरोपियों से पूछताछ के साथ गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्टों का भी विश्लेषण किया गया। जांच पूरी होने के बाद करीब 500 पृष्ठों का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।

तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास

डॉ. मुरुगेशन के मुताबिक, कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में सजा काट रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि मामले में जांच और अभियोजन की पैरवी के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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