देहरादून: उत्तराखंड के गांवों में कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले हजारों परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के जरिए पक्के घर की सुविधा मिली है। वर्ष 2022 से अब तक राज्य में 39,815 परिवारों के आवास स्वीकृत/निर्मित होकर योजना से लाभान्वित हुए हैं।
जिलावार आंकड़ों में ऊधमसिंह नगर 4,882 आवासों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद हरिद्वार में 4,493 और रुद्रप्रयाग में 4,032 परिवारों को योजना का लाभ मिला है।
पहाड़ से मैदान तक पहुंचा योजना का लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ऐसे परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से लैस पक्का मकान उपलब्ध कराना है, जो बेघर हैं या कच्चे और जर्जर घरों में रह रहे हैं। उत्तराखंड में योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।
राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से केंद्र के समक्ष लगातार पैरवी किए जाने के बाद आवासों की स्वीकृति और योजना के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है।
आवास के साथ दूसरी सुविधाएं भी
PMAY-G के तहत पात्र लाभार्थी को आवास निर्माण के लिए 1.30 लाख रुपये की सहायता डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है।
लाभार्थियों को पेयजल, बिजली और उज्ज्वला गैस कनेक्शन जैसी सुविधाओं से जोड़ने का भी प्रयास किया जाता है। आवास निर्माण में श्रम के लिए मनरेगा के तहत निर्धारित अवधि की मजदूरी का लाभ भी दिया जाता है।
रसोई के सामान के लिए भी बढ़ी सहायता
राज्य सरकार की घोषणा के तहत वर्ष 2022-23 से लाभार्थियों को रसोई सामग्री और बर्तन खरीदने के लिए मिलने वाली अतिरिक्त सहायता को 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये किया गया है।
इन जिलों में भी बड़ी संख्या में बने घर
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चमोली में 3,900, पिथौरागढ़ में 3,386, पौड़ी में 3,195, उत्तरकाशी में 3,057, देहरादून में 2,839 और चंपावत में 2,789 आवास बनाए गए हैं।
वहीं बागेश्वर में 2,279, टिहरी में 2,134, नैनीताल में 1,480 और अल्मोड़ा में 1,349 परिवारों को योजना का लाभ मिला है।
सरकार का दावा—हर पात्र परिवार तक पहुंचाने पर फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार का लक्ष्य किसी भी पात्र ग्रामीण परिवार को पक्के मकान से वंचित न रहने देना है। राज्य सरकार के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
पक्के मकान के साथ शौचालय, बिजली, पेयजल और गैस जैसी सुविधाओं का जुड़ना इस योजना को केवल घर निर्माण तक सीमित न रखकर बेहतर जीवन सुविधाओं से जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

