SIR में बड़ा बदलाव: नोटिस पाने वालों के घर जाएंगे BLO, दिल्ली में दावे-आपत्तियों की तारीख बढ़ी

 

 

 

नई दिल्ली: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कई अहम फैसले लिए हैं। अब SIR के दौरान ‘अनमैप्ड’ या ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के कारण नोटिस पाने वाले लोगों को सामान्य तौर पर ERO या AERO कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाने की जरूरत नहीं होगी। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) संबंधित व्यक्ति के घर जाकर जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें ECINET पर अपलोड करेंगे। इसके बाद ERO मामले पर निर्णय लेगा।

सिर्फ विशेष मामलों में होगी सुनवाई

निर्वाचन आयोग के अनुसार केवल असाधारण परिस्थितियों में ERO सुनवाई का निर्णय ले सकेगा। ऐसी सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन कराने की व्यवस्था होगी। जरूरत पड़ने पर मतदाता परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत भी कर सकता है। ऑनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

गरीब और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप

जिला निर्वाचन अधिकारियों को रात के आश्रय स्थलों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों, गरीब और बेघर लोगों के लिए जरूरत के अनुसार हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाने को कहा गया है। आयोग ने कहा है कि SIR के दौरान छूटे लोगों और नए मतदाताओं के नाम लगातार मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत जोड़े जा सकते हैं।

ECINET की होगी स्वतंत्र समीक्षा

आयोग ने ECINET सिस्टम की भी समीक्षा कराने का फैसला किया है। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी, जिसमें IIT/IIIT का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा। समिति यह जांचेगी कि ECINET कानूनों और नियमों के अनुरूप काम कर रहा है या नहीं।

आयोग ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से मिले सुझावों के आधार पर पोर्टल में कई बदलाव किए गए हैं। आगे किसी अतिरिक्त सुविधा की जरूरत होने पर उसे भी लागू किया जाएगा। नए IT मॉड्यूल और पोर्टल से जुड़ी पहल अब आयोग की मंजूरी से पहले Committee of Officers में चर्चा के बाद आगे बढ़ाई जाएंगी।

दिल्ली और महाराष्ट्र में बढ़ी समयसीमा

दिल्ली के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। नोटिस, दावे और आपत्तियों के निस्तारण की समयसीमा 30 नवंबर 2026 तक कर दी गई है।

महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 और इनके निस्तारण की समयसीमा 10 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

SIR पर आयोग ने फिर रखा अपना पक्ष

निर्वाचन आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े उसके प्रमुख फैसले आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिए गए हैं। आयोग के अनुसार 24 जून 2025 को SIR का आदेश भी सर्वसम्मति से जारी किया गया था और 27 मई 2026 के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने इसे बरकरार रखा था। आयोग ने यह भी कहा कि 20 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में SIR पूरा हो चुका है।

आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR के दौरान जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, वे लगातार मतदाता सूची अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत संबंधित ERO के पास नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें युवा और पहली बार मतदान करने वाले लोग भी शामिल हैं। इसके लिए CEO, DEO और ERO को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

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