देहरादून: टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने टिहरी लेक क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र का समग्र मास्टर और जोनल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें सरकारी और निजी दोनों तरह की भूमि को शामिल किया जाएगा।
सचिवालय में पर्यटन विभाग के साथ हुई बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि झील क्षेत्र में बेतरतीब निर्माण और विकास को रोकने के लिए पहले से स्पष्ट जोन तय किए जाएं। योजना तैयार करते समय स्थानीय जरूरतों, भौगोलिक परिस्थितियों, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और पर्यटन संभावनाओं को ध्यान में रखने के साथ सभी संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाएं।
सालभर चले पर्यटन, गतिविधियों का बनेगा कैलेंडर
टिहरी झील को केवल वाटर स्पोर्ट्स तक सीमित रखने के बजाय एडवेंचर, ट्रैकिंग, नेचर, कल्चर और विलेज टूरिज्म को भी एक साथ विकसित करने पर जोर दिया गया। पर्यटकों को एक-दो दिन या उससे अधिक समय तक रोकने के लिए झील क्षेत्र में प्रमुख ‘मैगनेट एरिया’ विकसित करने और परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की योजना बनाई जाएगी।
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से अप्रैल से जून के दौरान जलस्तर कम होने पर भी पर्यटन गतिविधियां जारी रखने के निर्देश दिए। इसके लिए मौसम और जलस्तर के आधार पर पूरे साल का एक्टिविटी कैलेंडर तैयार किया जाएगा।
गांवों को पर्यटन से जोड़ने पर जोर
बैठक में नए ट्रैकिंग रूट और ट्रेल्स विकसित करने के साथ आसपास के गांवों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। विलेज और कल्चरल टूरिज्म के जरिए पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, परंपराओं, खान-पान और ग्रामीण जीवन से परिचित कराने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने का लक्ष्य है।
मास्टर प्लान तैयार करने में स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), नई दिल्ली और SPA भोपाल से तकनीकी सहयोग लेने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
मुख्य सचिव ने टिहरी झील को ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित करने की प्रस्तावित गतिविधियों पर विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए, जिसे प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। अगली बैठक में टीएचडीसी के अधिकारियों को भी बुलाया जाएगा, ताकि झील क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर समन्वित चर्चा हो सके।
बैठक में सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, एपीसीसीएफ डॉ. विवेक पाण्डेय, सुरेन्द्र मेहरा, सीसीएफ प्रसन्ना कुमार पात्रो, अपर सचिव विनीत कुमार, हिमांशु खुराना, अभिषेक रोहिला और टिहरी की जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

