नई दिल्ली: भारत की उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर सैन्य हालात को लेकर रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की सालाना रिपोर्ट में अहम तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, LAC पर चीन ने अपनी अग्रिम सैन्य तैनाती घटाई है, लेकिन बड़ी संख्या में सैनिक अब भी सीमा के करीब मौजूद हैं। वहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की कार्रवाई का भी रिपोर्ट में विस्तृत उल्लेख किया गया है।
LAC पर करीब 40-50 हजार चीनी सैनिक
रक्षा मंत्रालय के आकलन के अनुसार, LAC पर चीन की करीब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड स्तर की सैन्य संरचनाएं तैनात हैं। इतनी ही संख्या के फॉर्मेशन को सीमा से पीछे ट्रेनिंग क्षेत्रों में भेजा गया है। मौजूदा अनुमान के मुताबिक LAC पर 40 से 50 हजार चीनी सैनिक तैनात हैं।
रिपोर्ट के अनुसार गलवान संघर्ष के बाद चीन ने अग्रिम इलाकों में करीब एक लाख सैनिकों की तैनाती की थी। अब अग्रिम क्षेत्र में सैनिकों की संख्या में कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय सेना ने LAC के सभी सेक्टर में अपनी तैनाती को मजबूत बनाए रखा है।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारतीय सेना किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
सिंदूर में पाकिस्तान के तीन एयरबेस पर कार्रवाई
रिपोर्ट में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई का भी उल्लेख है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 6 और 7 मई की दरमियानी रात पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था।
बाद में पाकिस्तानी सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले की कोशिशों के जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के नूर खान, रहीमयार खान और जैकोबाबाद एयरबेस को निशाना बनाया।
रिपोर्ट में भारतीय वायुसेना के आकलन के हवाले से बताया गया है कि जैकोबाबाद में चार एयरक्राफ्ट हैंगर पर हमला किया गया। कार्रवाई में कई F-16 लड़ाकू विमान, एक AEW&C विमान तथा Akinci और TB-2 श्रेणी के कई मानवरहित लड़ाकू विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गई है।
घुसपैठ की 6 कोशिशें, 12 आतंकी मारे गए
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति नियंत्रण में रही और पत्थरबाजी की कोई घटना दर्ज नहीं हुई। इस दौरान नियंत्रण रेखा पर आतंकियों ने घुसपैठ की छह कोशिशें कीं, जिनमें 12 पाकिस्तानी आतंकियों के मारे जाने की जानकारी दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों के आकलन में यह भी सामने आया कि घुसपैठ की कोशिशों में कमी के बाद आतंकियों का फोकस अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े इलाकों की ओर बढ़ रहा है। यहां मादक पदार्थों और सैन्य सामग्री की तस्करी की कोशिशों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, 2025 में एलओसी पर संघर्षविराम उल्लंघन के 163 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्षों की तुलना में बढ़े हैं।

