रुद्रपुर: उत्तराखंड और सिख समाज के आध्यात्मिक रिश्ते को और मजबूत करने की दिशा में हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महत्वपूर्ण कदम बताया। रुद्रपुर में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन में उन्होंने कहा कि गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक करीब 12.5 किलोमीटर रोपवे के निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है। इससे श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होने के साथ तीर्थाटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
देवभूमि से सिख परंपरा का गहरा रिश्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव और गुरु गोबिंद सिंह के चरण उत्तराखंड की धरती पर पड़े हैं। हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब इस आध्यात्मिक जुड़ाव के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं की शिक्षाएं सेवा, साहस, मानवता और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश देती हैं।
तराई की पहचान बनाने में पंजाबी समाज की भूमिका
धामी ने कहा कि उत्तराखंड की तराई को विकसित करने में पंजाबी समाज का योगदान केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहा। खेती से लेकर व्यापार और उद्योग तक समाज ने अपनी मेहनत और उद्यमशीलता से क्षेत्र को मजबूत आधार दिया। देश की सीमाओं की रक्षा और आपदा के समय सेवा कार्यों में भी समाज की भूमिका उल्लेखनीय रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज की सेवा, साहस, संस्कार और राष्ट्रभक्ति भारत की ताकत का हिस्सा हैं।
सिख समाज से जुड़े फैसलों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से सिख समाज से जुड़े विभिन्न फैसलों का उल्लेख करते हुए करतारपुर साहिब कॉरिडोर, लंगर को करों से मुक्त करने, श्री हरमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान की अनुमति और वीर बाल दिवस जैसे कदमों को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विभाजन की त्रासदी की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए ‘विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल’ के निर्माण की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
युवाओं को विरासत से जुड़ने का संदेश
धामी ने युवा पीढ़ी से आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान के साथ अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का विकास ऐसा होना चाहिए, जिसमें आधुनिकता के साथ संस्कार और प्रगति के साथ सामाजिक समरसता कायम रहे।
नितिन नवीन बोले- राष्ट्र निर्माण में सभी की भूमिका जरूरी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सिख समाज ने राष्ट्र निर्माण में हमेशा अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार की ओर से सैनिकों और सिख समाज से जुड़े प्रयासों की भी सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को सिख समाज की ओर से सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में समाज के लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
