80वां स्वतंत्रता दिवस:  लाल किले से PM मोदी का 13वां संबोधन,बोले- अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा

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नई दिल्ली। भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और राष्ट्रभक्ति के साथ मना रहा है। दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया और लगातार 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया।

इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में खास रहा। पहली बार लाल किले की प्राचीर पर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन हुआ। तिरंगा फहराते ही लाल किला राष्ट्रगीत की गूंज से भर उठा।

राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि

स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इसके बाद प्रधानमंत्री लाल किले पहुंचे, जहां उनका स्वागत किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के तहत राजधानी में व्यापक इंतजाम किए गए थे। लाल किले और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ निगरानी व्यवस्था मजबूत की गई।

लाल किले पर पहली बार सामूहिक ‘वंदे मातरम्’

इस वर्ष के समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन रहा। प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने के बाद आयोजित कार्यक्रम में पहली बार प्राचीर पर सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

तिरंगा फहराया, फिर शुरू हुआ संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। इसके साथ ही स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई दी।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश का हर दिल ‘वंदे मातरम्’ की धुन पर धड़क रहा है। उन्होंने कहा कि आज हर घर तिरंगा है और हर मन तिरंगा है।

‘बड़े सपने देखने होंगे’

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब वह अपनी उपलब्धियों, सपनों, संकल्पों और सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि बड़े सपने हमारी सोच का विस्तार करते हैं और देश को आगे बढ़ने की नई दिशा देते हैं। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान करते हुए कहा, “अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला।”

2047 तक विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के सामने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का बड़ा सपना है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश विकसित भारत बनने का संकल्प लेता है, तो यह उसके साहस और सामर्थ्य को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि भारत के इस संकल्प ने दुनिया को देश को एक अलग नजरिए से देखने के लिए मजबूर किया है।

दुनिया देख रही भारत का इनोवेशन

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की विकास यात्रा और तकनीकी क्षमता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और दुनिया भारत के इनोवेशन को देख रही है। उन्होंने कहा कि भारत अब बड़े लक्ष्य तय कर रहा है और उन्हें पूरा करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

अमित शाह ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों को नमन करते हुए देश को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।

80वें स्वतंत्रता दिवस का यह समारोह राष्ट्रभक्ति, ‘वंदे मातरम्’ की गूंज और 2047 के विकसित भारत के संकल्प के साथ देश की नई आकांक्षाओं को सामने रख रहा है।

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