उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन होगा और मजबूत, जिलों में अधिकारियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

 

 

 

देहरादून: उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जनपद स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण अभियान शुरू करने जा रहा है। इस राज्यव्यापी क्षमता विकास कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार, 18 जुलाई से टिहरी गढ़वाल में होगी। इसके बाद हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़ समेत अन्य जनपदों में भी प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

इन कार्यशालाओं का उद्देश्य विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, आपदा के दौरान समन्वित कार्रवाई और आधुनिक आपदा प्रबंधन तंत्र के प्रति प्रशिक्षित एवं संवेदनशील बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक, तकनीकी और संस्थागत पहलुओं की विस्तृत जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी जाएगी।

टिहरी गढ़वाल में आयोजित पहली कार्यशाला का शुभारंभ आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक करेंगे। कार्यक्रम में राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी भी मौजूद रहेंगे।

कार्यशाला में SACHET/CAP आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, भूदेव ऐप, GIS एवं IDRN पोर्टल, इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS), उत्तराखण्ड का आपदा जोखिम न्यूनीकरण रोडमैप तथा विभागीय, विद्यालय और अस्पताल आपदा प्रबंधन योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. पी. डी. माथुर, डॉ. पूजा राणा, श्री धर्मेंद्र कुशवाहा, श्री रोहित कुमार और श्री रोबिन अग्रवाल विभिन्न तकनीकी सत्रों का संचालन करेंगे।

सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सशक्त बनाना है, ताकि विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी किसी भी आपदा की स्थिति में बेहतर समन्वय के साथ त्वरित, प्रभावी और उत्तरदायी कार्रवाई कर सकें तथा जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।

 
 
 
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