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फूलों की घाटी में सैलानियों की बहार, 40 दिन में टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड

photo - trekking yatra

 

 

 

चमोली: विश्व धरोहर के रूप में पहचान रखने वाली उत्तराखंड की प्रसिद्ध फूलों की घाटी इस मानसून सीजन में पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है। सीजन शुरू होने के सिर्फ 40 दिनों के भीतर यहां आने वाले सैलानियों की संख्या 10 हजार के पार पहुंच गई है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना है, जिससे स्थानीय पर्यटन व्यवसाय के साथ-साथ राष्ट्रीय उद्यान के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

भ्यूंडार घाटी में स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान इन दिनों रंग-बिरंगे दुर्लभ हिमालयी फूलों से सजा हुआ है। जुलाई और अगस्त में फूल पूरी तरह खिलने लगते हैं, इसलिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी यहां पहुंच रहे हैं। घाटी का प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है।

वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 10 जुलाई 2026 तक 10,185 पर्यटकों ने फूलों की घाटी का भ्रमण किया। इनमें 10,141 भारतीय और 44 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। इस दौरान प्रवेश शुल्क के रूप में पार्क प्रशासन को 18.49 लाख रुपये से अधिक की आय हुई।

इसके विपरीत, पिछले वर्ष इसी अवधि में केवल 5,172 पर्यटक घाटी पहुंचे थे और पार्क को करीब 10.48 लाख रुपये का राजस्व मिला था। इस तरह इस वर्ष शुरुआती सीजन में ही पर्यटकों की संख्या और आय, दोनों में बड़ी छलांग देखने को मिली है।

नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान की रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि जुलाई और अगस्त फूलों के खिलने का चरम समय होता है। इसे देखते हुए घाटी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है और वन कर्मियों की नियमित गश्त जारी है, ताकि पर्यटकों की यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे।

पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो इस वर्ष फूलों की घाटी पर्यटकों की आमद के नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती है। इससे स्थानीय होटल, होमस्टे, गाइड, पोर्टर और अन्य पर्यटन व्यवसायियों को भी बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

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