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बद्रीनाथ दान-चढ़ावा प्रकरण पर भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार, बोली- दोषी कितना भी प्रभावशाली हो, जेल जाना तय

 

 

 

देहरादून: बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे में कथित अनियमितता के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने कहा कि यह मामला उसके लिए करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है। पार्टी ने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।

प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक विनोद चमोली ने कहा कि सरकार ने मामले को सामने आते ही गंभीरता से लिया। संबंधित व्यक्तिगत सहायक को निलंबित किया गया, एफआईआर दर्ज कराई गई और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आयुक्त गढ़वाल मंडल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं है। यदि जांच में आपराधिक जिम्मेदारी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। साथ ही दान-चढ़ावा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए भी समिति से सुझाव मांगे गए हैं।

भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिस कर्मचारी पर आज आरोप लगे हैं, उसे उनके कार्यकाल में स्थायी नियुक्ति कैसे मिली। भाजपा का कहना है कि जांच में यदि पूर्व कार्यकाल से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो उनकी भी जिम्मेदारी तय होगी।

विनोद चमोली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में मंदिर समिति के संचालन को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भाजपा पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब जनता को देना चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार देवभूमि के धार्मिक स्थलों के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिरों के पारदर्शी संचालन के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि बद्रीनाथ-केदारनाथ जैसे आस्था के केंद्रों की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।

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