चंपावत: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चंपावत में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात देते हुए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एमआरआई मशीन का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इसे सीमांत क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि स्वस्थ उत्तराखंड ही समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड की सबसे मजबूत नींव है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल अस्पतालों का निर्माण करना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशिक्षित मानव संसाधनों से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि नई एमआरआई मशीन के शुरू होने से चंपावत ही नहीं, बल्कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल और आसपास के सीमांत क्षेत्रों के लाखों लोगों को समय पर सटीक जांच और बेहतर उपचार की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक गंभीर मरीजों को एमआरआई जैसी जटिल जांच के लिए हल्द्वानी और अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय, धन और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब मस्तिष्क, रीढ़, नसों, जोड़ों, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की जांच जिला स्तर पर ही संभव होगी, जिससे समय पर उपचार शुरू होने के साथ अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार वर्तमान जरूरतों के साथ भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मजबूत चिकित्सा व्यवस्था विकसित कर रही है। इसी क्रम में जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड वाले आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा 11.71 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डायग्नोस्टिक विंग, ऑपरेशन थिएटर और पार्किंग सुविधा का निर्माण भी तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अमोड़ी में 2.18 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा होने से स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं। वहीं, इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान में 4.70 करोड़ रुपये की लागत से 129 बेड वाले आधुनिक छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि चंपावत में नए पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों परिवारों को निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि आर्थिक तंगी किसी भी परिवार के इलाज में बाधा न बने।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वस्थ और समृद्ध उत्तराखंड के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि जब हर नागरिक को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध होंगी, तभी विकसित उत्तराखंड का सपना साकार होगा।

