उत्तराखंड में SIR अभियान को मिली रफ्तार, 13 बीएलओ ने 8 दिन में पूरा किया गणना फॉर्म वितरण और डिजिटाइजेशन

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को गति मिल रही है। प्रदेश के सात जिलों के 13 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने अभियान शुरू होने के महज आठ दिनों के भीतर गणना फॉर्म वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण कर मिसाल पेश की है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने समय से पूर्व कार्य पूरा करने वाले सभी 13 बीएलओ को बधाई देते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि 8 जून से शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में प्रदेशभर के कार्मिक पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ जुटे हुए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि जिन बीएलओ ने निर्धारित समय से पहले गणना फॉर्म वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया है, वे अन्य कार्मिकों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके उत्कृष्ट कार्य से अभियान में लगे अन्य बीएलओ को भी ऊर्जा और उत्साह मिलेगा।

अभियान के पहले चरण में कार्य पूर्ण करने वालों में अल्मोड़ा जिले की सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र से रमेश पुजारी और पुष्पा देवी, चमोली जिले की बद्रीनाथ विधानसभा से पान सिंह नेगी तथा कर्णप्रयाग विधानसभा से हरीश नैनवाल शामिल हैं।

इसी तरह देहरादून जिले की चकराता विधानसभा क्षेत्र से मीनाक्षी रावत, पौड़ी विधानसभा क्षेत्र से गब्बर सिंह, संगीता रावत और विजय बिष्ट ने भी समय से पहले लक्ष्य हासिल किया। पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र से कर्ण बहादुर कार्की और जानकी चंद, रुद्रप्रयाग जिले की केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र से उषा रावत और निर्मला देवी तथा टिहरी गढ़वाल जिले की धनौल्टी विधानसभा क्षेत्र से सुमन ने भी गणना फॉर्म वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया।

निर्वाचन विभाग के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। अभियान के तहत प्रदेशभर में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं और प्राप्त आंकड़ों का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है।

निर्वाचन विभाग को उम्मीद है कि इन अधिकारियों की उपलब्धि से अभियान को और गति मिलेगी तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे प्रदेश में पुनरीक्षण कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकेगा।

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