उत्तराखंड के सहकारी बैंक होंगे हाईटेक, ऑनलाइन बैंकिंग-UPI समेत आधुनिक सुविधाएं जल्द; मंत्री धन सिंह रावत ने बनाई बड़ी रणनीति
The Mountain People
देहरादून। उत्तराखंड में सहकारी बैंकों को आधुनिक, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में व्यापक सुधारों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला और राज्य सहकारी बैंकों की वेतन संरचना, मानव संसाधन प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्थाओं के अध्ययन के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया। यह समिति देश के उन राज्यों के सफल सहकारी बैंकिंग मॉडलों का अध्ययन कर एक माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
एनपीए घटाने पर रहेगा फोकस
सहकारिता मंत्री ने जिला सहकारी बैंकों की एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) स्थिति की समीक्षा करते हुए बकाया ऋणों की प्रभावी वसूली के लिए रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए एनपीए में कमी लाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
‘एक बैंक-एक रंग’ की होगी नई पहचान
बैठक में प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंकों, राज्य सहकारी बैंक और बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के लिए एक समान ब्रांड पहचान विकसित करने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत “एक बैंक-एक रंग” की अवधारणा पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसमें संस्थानों के लिए समान कलर कोड और ड्रेस कोड लागू करने पर विचार किया जाएगा।
सोलर रूफटॉप से घटेगा खर्च
ऊर्जा संरक्षण और संचालन व्यय में कमी लाने के लिए सभी जिला सहकारी बैंकों और सहकारी समितियों के भवनों पर चरणबद्ध तरीके से सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए। इससे ऊर्जा लागत कम होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
तीन नए जिला सहकारी बैंक होंगे स्थापित
बैठक में प्रदेश में प्रस्तावित तीन नए जिला सहकारी बैंकों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए।
डिजिटल बैंकिंग को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि बदलते समय के साथ सहकारी बैंकों को आधुनिक बैंकिंग प्रणाली के अनुरूप विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं को जल्द लागू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जिससे उन्हें अधिक सक्षम, प्रतिस्पर्धी और आत्मनिर्भर बनाया जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि सहकारी बैंक भी निजी और राष्ट्रीयकृत बैंकों की तरह आधुनिक सेवाएं प्रदान कर ग्रामीण और शहरी ग्राहकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएं।