देहरादून: मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में उच्च शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि नवाचार, अनुसंधान, कौशल और आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
शनिवार को Shivalik College of Engineering में आयोजित “विकसित भारत 2047 के निर्माण में उच्च शिक्षा का महत्त्व” विषयक विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हुए हैं, जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बताया ऐतिहासिक पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि National Education Policy 2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने वाली ऐतिहासिक पहल है। यह नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुसंधान, नवाचार और व्यावहारिक कौशल को बढ़ावा देने के साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें ज्ञान, शोध और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
भारत बन रहा वैश्विक स्टार्टअप हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप केंद्रों में तेजी से उभर रहा है। डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश की विकास यात्रा को नई गति दी है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भारत की वैश्विक पहचान लगातार मजबूत हो रही है।
उत्तराखंड में तकनीकी शिक्षा पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड शिक्षा और ज्ञान की समृद्ध परंपरा वाला प्रदेश है। राज्य सरकार डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे विषयों को पाठ्यक्रमों में शामिल कर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। साथ ही Doon University में स्थापित सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्ययन और अनुसंधान को नई दिशा देगा।
उद्योग और शिक्षा संस्थानों के बीच बढ़ेगा समन्वय
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं को कौशल, नेतृत्व क्षमता और नवाचार से लैस करना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने, इंटर्नशिप, इंडस्ट्री-लिंक्ड कोर्स और स्टार्टअप व इन्क्यूबेशन सेंटरों को प्रोत्साहन दे रही है।
उन्होंने शिक्षाविदों और विशेषज्ञों से भी विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Mahendra Bhatt, उच्च शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

