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पीएम पोषण योजना की होगी डिजिटल निगरानी, बच्चों की हेल्थ ट्रैकिंग पर सरकार का जोर

 

 

 

 

देहरादून: मुख्य सचिव Anand Bardhan की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना की राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में योजना की प्रगति, पोषण गुणवत्ता और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएम पोषण योजना के तहत अधिक से अधिक विद्यालयों का सोशल ऑडिट कराया जाए। उन्होंने कहा कि ऑडिट के दौरान सामने आने वाली कमियों की जानकारी संबंधित जिलों को तत्काल दी जाए और समयबद्ध अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए।

बच्चों की डिजिटल ट्रैकिंग की तैयारी

बैठक में मुख्य सचिव ने विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के लिए डिजिटल मैपिंग और ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। इसके जरिए बच्चों की उपस्थिति, स्वास्थ्य स्थिति और पोषण संबंधी आंकड़ों की निगरानी की जाएगी।

उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की हेल्थ स्क्रीनिंग पर जोर देते हुए स्वास्थ्य विभाग को एनीमिया और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित बच्चों के नियमित उपचार और फॉलोअप सुनिश्चित करने को कहा।

ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य विश्लेषण होगा

Anand Bardhan ने कहा कि विद्यालयों और क्षेत्रों का विशेष विश्लेषण भी किया जाए, ताकि यह पता चल सके कि किस जिले या ब्लॉक के बच्चों में किस प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं अधिक हैं। इसके आधार पर संबंधित क्षेत्रों में विशेष पोषण और स्वास्थ्य अभियान चलाए जा सकेंगे।

भोजन माताओं को मशरूम खेती का प्रशिक्षण

बैठक में सचिव Ravinath Raman ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार को भेजे जाने वाले वार्षिक कार्य योजना एवं बजट का प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि नई पहल के तहत बागेश्वर और हरिद्वार जिलों में कुल 78 भोजन माताओं को मशरूम खेती का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि मध्याह्न भोजन में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाई जा सके।

बच्चों को मिलेगा फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड दूध

राज्य सरकार ने Uttarakhand Cooperative Dairy Federation Limited के सहयोग से बच्चों को सप्ताह में दो बार फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड स्किम्ड दूध उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी शुरू की है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाना और उन्हें संतुलित आहार उपलब्ध कराना है।

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