देहरादून: उत्तराखंड में मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की कवायद अब तेज हो गई है। राज्य सरकार ने पहली से आठवीं तक संचालित करीब 400 मदरसों की संबद्धता प्रक्रिया की निगरानी जिला स्तर पर अनिवार्य कर दी है। इसके तहत सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि संबद्धता प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए। इसके लिए जिलों में लगातार समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जाएगा।
जुलाई 2026 से नई व्यवस्था लागू
राज्य सरकार शिक्षा प्रणाली में समानता और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू कर रही है। इसी दिशा में पिछले वर्ष अक्टूबर में लागू किए गए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत राज्य के सभी मदरसे एक जुलाई 2026 से नवगठित अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के दायरे में आ जाएंगे।
नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही वर्तमान उत्तराखंड मदरसा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार आठवीं तक संचालित मदरसों को जिला स्तर पर और नौवीं से 12वीं तक के मदरसों को 30 जून तक उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी होगी।
ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य
प्रभारी प्रारंभिक शिक्षा निदेशक Dr. Mukul Kumar Sati ने बताया कि पहली से आठवीं तक के मदरसों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है। आवेदन शिक्षा विभाग के पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि किसी संस्था को आवेदन प्रक्रिया में तकनीकी या अन्य प्रकार की परेशानी आती है, तो संबंधित जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
आधुनिक शिक्षा पर रहेगा फोकस
सरकार की नई योजना के तहत मदरसों को समान पाठ्यक्रम और आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा। पारंपरिक धार्मिक शिक्षा के साथ विज्ञान, गणित और कंप्यूटर जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और उन्हें प्रतिस्पर्धी शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है।
अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण करेगा पाठ्यक्रम तय
राज्य सरकार ने Uttarakhand State Minority Education Authority का गठन भी कर दिया है। इसमें Surjeet Singh Gandhi को अध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा Rakesh Jain, Syed Ali Hamid, Pema Tenzin, Elba Medrele, Robina Aman, Gurmeet Singh, सेवानिवृत्त आईएएस Chandrashekhar Bhatt और Rajendra Singh Bisht को सदस्य बनाया गया है।
शिक्षा महानिदेशक और एससीईआरटी निदेशक पदेन सदस्य होंगे, जबकि अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।