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यमकेश्वर में योगी-धामी का विकास संगम: मंदिर दर्शन से लेकर AI कॉलेज और स्टेडियम तक कई सौगातें

 

 

 

पौड़ी/यमकेश्वर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और CM पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को यमकेश्वर पहुंचकर विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। दोनों मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में क्षेत्र विकास, शिक्षा, खेल और आध्यात्मिक पर्यटन को लेकर कई अहम घोषणाएं की गईं।

कार्यक्रम की शुरुआत यमकेश्वर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। दोनों मुख्यमंत्रियों ने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी पहुंचे, जहां छात्राओं ने पारंपरिक अंदाज में उनका स्वागत किया।

पंचूर पहुंचे योगी आदित्यनाथ

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी अपने पैतृक गांव पंचूर भी पहुंचे और श्री विष्णु महायज्ञ में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच और आध्यात्मिकता जीवन में सफलता का सबसे बड़ा आधार है। उन्होंने मंदिर समिति और ग्रामीणों का आभार जताते हुए युवाओं को ईश्वर भक्ति और अच्छे विचारों से जुड़ने की प्रेरणा दी।

बिथ्याणी कॉलेज बनेगा आदर्श संस्थान

मुख्यमंत्री धामी ने बिथ्याणी महाविद्यालय को “आदर्श कॉलेज” के रूप में विकसित करने और क्षेत्र में मिनी स्टेडियम निर्माण जल्द शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को आधुनिक शिक्षा और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

AI आधारित वेबसाइट का शुभारंभ

कार्यक्रम में कॉलेज की नई एआई आधारित वेबसाइट का डिजिटल उद्घाटन भी किया गया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं एआई बॉट से संवाद कर परीक्षा प्रणाली और परिणामों की जानकारी ली, जबकि मुख्यमंत्री धामी ने छात्र संख्या और कौशल विकास पर चर्चा की।

इसके साथ ही नए भवन, सेमिनार हॉल और ‘विकसित भारत एक संकल्प’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

ओपन जिम और स्टेडियम पर जोर

युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करने के लिए कॉलेज परिसर में ओपन जिम का शिलान्यास किया गया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने खुद जिम उपकरणों पर व्यायाम कर फिटनेस का संदेश दिया। प्रस्तावित स्टेडियम की भूमि का निरीक्षण करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि इसका निर्माण जल्द पूरा कर जनता को समर्पित किया जाएगा।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।



यमकेश्वर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल राजनीतिक मंच नहीं रहा, बल्कि आध्यात्मिकता, आधुनिक शिक्षा, डिजिटल तकनीक और क्षेत्रीय विकास के संगम के रूप में सामने आया।

 
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