देहरादून: चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड में एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर सरकार और तेल कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद राज्य में गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और आम लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर सिलेंडर बुकिंग न करें।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पीआईबी देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के राज्य स्तरीय समन्वयक कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि उत्तराखंड में एलपीजी की आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। हालांकि उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में अधिक बुकिंग करने के कारण फिलहाल करीब 6.97 दिन का बैकलॉग चल रहा है।
डिजिटल बुकिंग बढ़ी, डीएसी सिस्टम से पारदर्शिता
राज्य में अब लगभग 85% एलपीजी बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। वहीं, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित वितरण भी तेजी से बढ़कर 90% तक पहुंच गया है, जिससे कालाबाजारी और डायवर्जन पर लगाम लगाने में मदद मिल रही है।
चारधाम यात्रा के लिए बढ़ाई जा रही आपूर्ति
आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र को अतिरिक्त एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की मांग भेजी है। वर्तमान में:
- घरेलू एलपीजी की औसत आपूर्ति: 18 लाख सिलेंडर प्रति माह
- गैर-घरेलू (होटल, अस्पताल आदि) को प्राथमिकता
- शहरी क्षेत्रों में डिलीवरी समय: लगभग 25 दिन
- ग्रामीण क्षेत्रों में: लगभग 45 दिन
घबराहट में बुकिंग बनी मुख्य कारण
अधिकारियों के अनुसार, आपूर्ति में कमी नहीं बल्कि पैनिक बुकिंग से दबाव बढ़ा है। यही कारण है कि डिलीवरी समय प्रभावित हुआ है।
कड़ी निगरानी: छापे और कार्रवाई जारी
कालाबाजारी रोकने के लिए अब तक:
- 5,681 निरीक्षण
- 301 छापे
- 16 एफआईआर
- 7 गिरफ्तारियां
साथ ही तेल कंपनियों द्वारा लगातार पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों की जांच की जा रही है।
पेट्रोल-डीजल की स्थिति सामान्य
राज्य में कुल 978 पेट्रोल पंप सामान्य रूप से कार्यरत हैं और:
- पेट्रोल उपलब्धता: ~60,000 KL
- डीजल उपलब्धता: ~75,000 KL
किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।
सरकार की अपील
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि:
- केवल जरूरत के अनुसार ही एलपीजी बुक करें
- डिजिटल माध्यम का उपयोग करें
- अफवाहों से बचें
- 112 और 1070 हेल्पलाइन पर संपर्क करें
वैकल्पिक ईंधन पर भी जोर
राज्य में 5 सिटी गैस वितरण कंपनियां सक्रिय हैं और PNG व CNG कनेक्शन तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं। मार्च से अब तक लाखों नए कनेक्शन जोड़े गए हैं।
कुल मिलाकर सरकार का स्पष्ट संदेश है—राज्य में ईंधन की कमी नहीं है, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, बस लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।