नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन आशा’ सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz को पार कर गया है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से यह इस अहम समुद्री मार्ग से निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज बन गया है।
बताया जा रहा है कि ‘ग्रीन आशा’ एक एलपीजी कैरियर है, जिसमें करीब 20 हजार टन गैस लदी हुई है। इसके सुरक्षित निकलने से देश में रसोई गैस की आपूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अब भी फंसे हैं सैकड़ों जहाज
वैश्विक संकट के बीच जहां कई देशों के जहाज इस मार्ग से गुजरने में हिचक रहे हैं, वहीं भारतीय जहाज लगातार निकलने में सफल रहे हैं। इसके बावजूद अभी भी करीब 300 जहाज इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जिनमें 15 भारतीय जहाज शामिल हैं।
ईंधन आपूर्ति पर असर, हालात अब भी संवेदनशील
तनाव के चलते ईरान ने इस जलमार्ग पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है, जिससे वैश्विक ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है। सीमित देशों के जहाजों को ही गुजरने की अनुमति दी जा रही है। इससे पहले ‘ग्रीन सान्वी’ सहित कई भारतीय टैंकर भी सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं।
देश में LPG सप्लाई बेहतर, रिकॉर्ड वितरण
इधर, केंद्र सरकार ने दावा किया है कि देश में एलपीजी की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। 4 अप्रैल को एक ही दिन में 51 लाख से अधिक घरेलू गैस सिलेंडर वितरित किए गए। ऑनलाइन बुकिंग में भी तेजी आई है और अब लगभग 95% उपभोक्ता डिजिटल माध्यम से बुकिंग कर रहे हैं।
कालाबाजारी पर सख्ती
सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 50 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं। 1400 से ज्यादा वितरकों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 36 की डीलरशिप निलंबित की जा चुकी है।
सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और ऊर्जा की बचत करें। साथ ही आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।