देहरादून: वैश्विक परिस्थितियों के बीच उत्तराखंड में गैस और ईंधन आपूर्ति को लेकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। आनंद बर्धन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि घरेलू गैस, पेट्रोल-डीजल और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है।
बैठक में ऑयल कंपनियों और जिलाधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है और अस्पतालों व शैक्षणिक संस्थानों को नियमित आपूर्ति हो रही है। हालांकि, कुछ जिलों ने व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी की ओर ध्यान दिलाया, जिस पर मुख्य सचिव ने तुरंत आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा के लिए विशेष तैयारी
आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए सरकार ने विशेष रणनीति तैयार की है। रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी और पौड़ी जिलों में यात्रा के दौरान व्यावसायिक गैस की मांग बढ़ने की संभावना जताई गई है। इस पर मुख्य सचिव ने केंद्र सरकार को अतिरिक्त मांग भेजने और ऑयल कंपनियों को पिछले साल से अधिक सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पेट्रोल-डीजल और उर्वरक पर्याप्त
आईओसीएल सहित तेल कंपनियों ने बताया कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक पर्याप्त है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। वहीं कृषि विभाग ने भी स्पष्ट किया कि उर्वरक की उपलब्धता पूरी तरह संतोषजनक है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उर्वरकों का वितरण निर्धारित सीमा में ही हो और किसी प्रकार का दुरुपयोग न होने पाए।
ग्रीन विकल्पों पर जोर
मुख्य सचिव ने गैस के विकल्प के रूप में सोलर, पिरूल ब्रिकेट्स, बायोफ्यूल और इंडक्शन जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही पीएनजी (पाइप्ड नैचुरल गैस) के विस्तार कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
सीमा क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
पुलिस विभाग को अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने और गैस व उर्वरकों की तस्करी रोकने के निर्देश दिए गए। साथ ही खाड़ी देशों में रह रहे उत्तराखंड के लोगों की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने की बात कही गई।
शादी समारोह के लिए राहत
बैठक में एक अहम फैसला लेते हुए शादी समारोह के लिए दो अस्थायी कमर्शियल गैस कनेक्शन देने की अनुमति भी दी गई, जिससे आयोजनों में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को गैस और ईंधन की सप्लाई चेन पर लगातार निगरानी रखने, स्टॉक की नियमित समीक्षा करने और किसी भी असंतुलन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।