देहरादून हत्याकांड का पर्दाफाश: 14 करोड़ की डील, मां की भूमिका और डॉक्टर से बिल्डर बने आरोपी तक पहुंची जांच

 

 

 

 

देहरादून: राजधानी देहरादून में अर्जुन शर्मा हत्याकांड की परतें खुलते ही मामला महज एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि करोड़ों की विवादित जमीन, टूटते रिश्तों और सुनियोजित साजिश की कहानी बनकर सामने आया है। पुलिस ने 12 फरवरी को मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अर्जुन की मां बीना शर्मा और चर्चित नाम डॉ. अजय खन्ना भी शामिल हैं।

डॉक्टर से रियल एस्टेट तक—विवादों में उलझा सफर

जांच के अनुसार, डॉ. अजय खन्ना कभी चिकित्सा जगत का जाना-पहचाना चेहरा रहे और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन में प्रांतीय जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। लेकिन बीते वर्षों में उन्होंने रियल एस्टेट की राह पकड़ी और यहीं से उनका नाम विवादित जमीनों के सौदों से जुड़ता चला गया।

14 करोड़ की डील और टूटा सौदा

पुलिस के मुताबिक, जीएमएस रोड स्थित अर्जुन शर्मा और उनकी मां बीना शर्मा की जमीन खरीदने के लिए 14 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ। डॉ. अजय खन्ना ने इसमें से करीब आठ करोड़ रुपये बीना शर्मा को दे भी दिए। लेकिन अर्जुन शर्मा द्वारा कोर्ट से स्टे लाने के बाद डील अटक गई। इसके बाद पैसों की वापसी को लेकर दबाव बढ़ा और मां–बेटे के रिश्तों में दरार गहरी होती चली गई। बीना शर्मा ने खुद को असुरक्षित बताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा भी हासिल की थी।

साजिश, सुपारी और वारदात

पुलिस का कहना है कि आखिरकार डॉ. अजय खन्ना, बीना शर्मा और विनोद उनियाल ने मिलकर अर्जुन शर्मा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। विनोद उनियाल के ड्राइवर पंकज राणा को सुपारी दी गई। 11 फरवरी की सुबह पंकज राणा ने अपने भाई के साथ मिलकर अर्जुन शर्मा पर गोली चलाई और फरार हो गया।

मां पर शक कैसे गहराया

घटना के वक्त बीना शर्मा जीएमएस रोड स्थित अर्जुन की गैस एजेंसी में मौजूद थीं। गोली चलने की सूचना मिलते ही उनके बेहोश होकर गिरने की बात सामने आई। पुलिस ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन सभी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आईं। यहीं से पुलिस को शक हुआ कि बेहोशी महज नाटक थी। सख्त पूछताछ में पूरी साजिश सामने आ गई।

मुठभेड़ के बाद शूटर गिरफ्तार

पुलिस ने 12 फरवरी की सुबह मुठभेड़ के बाद शूटर पंकज राणा और राजीव राणा को गिरफ्तार कर लिया। दोनों सगे भाई हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजीव राणा पर पहले भी हत्या का मामला दर्ज रहा है। उसने मेरठ से तमंचा खरीदकर लाया था, उसी हथियार से अर्जुन शर्मा की हत्या की गई।

फरारी की कोशिश नाकाम

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी बिना नंबर की स्कूटी से भागे, रास्ते में कपड़े बदले और पहचान छुपाने के लिए दाढ़ी–मूंछ भी कटवा ली, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपी

  • पंकज राणा पुत्र अभय राम सिंह, निवासी इंदिरा कॉलोनी, चुक्खुवाला

  • राजीव उर्फ राजू पुत्र अभय राम सिंह, निवासी इंदिरा कॉलोनी, चुक्खुवाला

  • बीना शर्मा पत्नी स्व. आरसी शर्मा, निवासी वसंत विहार

  • विनोद उनियाल पुत्र घनश्याम उनियाल, निवासी डालनवाला

  • डॉ. अजय खन्ना पुत्र जेपी खन्ना, निवासी ईसी रोड, डालनवाला

 

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