चम्पावत को विकास की नई रफ्तार: CM धामी ने ₹300 करोड़ से अधिक की योजनाओं का किया शिलान्यास व भूमि पूजन

 

 

 

चम्पावत: माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चम्पावत के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ₹300 करोड़ से अधिक लागत की अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया। इन योजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सशक्त बनाना, पर्यटन को बढ़ावा देना और सीमांत क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

मुख्यमंत्री द्वारा जिन प्रमुख योजनाओं का शिलान्यास किया गया, उनमें शारदा घाट पुनर्विकास (प्रथम चरण), सिटी ड्रेनेज प्लान, नायर–खेरा क्षेत्र में आपदा प्रतिरोधक इकोलॉजिकल कॉरिडोर, टनकपुर–अस्कोट मार्ग का पुनर्निर्माण, चम्पावत–खेतीखान मोटर मार्ग के अंतर्गत सुयालखर्क–पुनावे मार्ग का सुधारीकरण, माँ पूर्णागिरि घाटी (चूका क्षेत्र) में हेलीपैड निर्माण, पाटी व लोहाघाट क्षेत्र में विभिन्न मोटर मार्गों का नवनिर्माण एवं सुधारीकरण, नदी तटों पर बाढ़ और भू-कटाव सुरक्षा कार्य, स्वामी विवेकानंद राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में परीक्षा हॉल निर्माण, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चम्पावत परिसर में केंद्रीय पुस्तकालय, चहारदीवारी एवं मिनी स्टेडियम, कस्तूरबा गांधी छात्रावास का विस्तार तथा होमगार्ड्स कार्यालय भवन का निर्माण शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शारदा रिवर फ्रंट (शारदा कॉरिडोर) परियोजना चम्पावत के सर्वांगीण विकास की नींव बनेगी और क्षेत्र को पर्यटन, आस्था और आधुनिक शहरी सुविधाओं के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से शिक्षा, सड़क, पर्यटन, आपदा प्रबंधन और शहरी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों तथा पर्यटकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

चम्पावत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह भूमि आस्था, संस्कृति और इतिहास से समृद्ध है। माँ शारदा ज्ञान, विद्या और संस्कार की प्रतीक हैं और उनके पावन धाम से जुड़े घाटों का विकास करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि टनकपुर की धरती पर कदम रखते ही उन्हें विशेष सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि विकास और सांस्कृतिक विरासत के संतुलन से ही उत्तराखंड की पहचान और अधिक सशक्त होगी तथा चम्पावत आने वाले समय में एक आदर्श, आत्मनिर्भर और विकसित जनपद के रूप में उभरेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से जनभागीदारी, सांस्कृतिक संरक्षण और विकास के साझा संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उत्तराखण्ड वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष श्याम पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, नगर पालिका परिषद चम्पावत की अध्यक्ष श्रीमती प्रेमा पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 
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