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कोटद्वार बर्ड फेस्टिवल बना विकास और जैव विविधता संरक्षण का उत्सव, CM धामी ने दी 326 करोड़ से अधिक की योजनाओं की सौगात

 

 

 

पौड़ी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कोटद्वार में आयोजित दो दिवसीय बर्ड वॉचिंग फेस्टिवल में प्रतिभाग कर जनपद के विभिन्न विकासखंडों के लिए करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कुल 61 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 32,612.33 लाख रुपये से अधिक है।

कोटद्वार पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले दिव्यांग बालक-बालिकाओं से मुलाकात कर उनसे संवाद किया और उनकी शिक्षा के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने सिद्धबली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। सनेह क्षेत्र में आयोजित फेस्टिवल स्थल पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज कोटद्वार की छात्राओं द्वारा गढ़वाली भाषा में प्रस्तुत स्वागत गीत और हेरिटेज स्कूल के बच्चों की पक्षी एवं प्रकृति संरक्षण पर आधारित प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।

मुख्यमंत्री ने फेस्टिवल परिसर में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। पक्षियों की फोटो प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वां दशक उत्तराखंड का दशक होगा और इसमें महिलाओं की भूमिका निर्णायक होगी

मुख्यमंत्री ने कोटद्वार क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि बस टर्मिनल, आयुष चिकित्सालय, खोह नदी को प्रदूषण मुक्त करने हेतु एसटीपी, मालन नदी पर पुल निर्माण तथा कोटद्वार-नजीबाबाद फोर लेन का कार्य तेजी से प्रगति पर है।

क्षेत्र के विकास हेतु घोषणाएं करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्दूखाता में नगरीय पेयजल योजना की क्षतिग्रस्त पाइपलाइन का सुदृढ़ीकरण, राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, विज्ञान व कंप्यूटर कक्ष तथा चहारदीवारी का निर्माण, जीतपुर गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झंडीचौड़ में 108 एम्बुलेंस सेवा तथा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनेक पक्षी प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं, जिनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उत्तराखंड जैव विविधता की दृष्टि से देश के समृद्ध राज्यों में शामिल है, जहां लगभग 71 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है। देश में पाई जाने वाली लगभग 1300 पक्षी प्रजातियों में से 400 से अधिक प्रजातियां उत्तराखंड में पाई जाती हैं। उन्होंने सुरखाब जैसे दुर्लभ पक्षी का उल्लेख करते हुए कहा कि पक्षी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विधानसभा अध्यक्षा एवं स्थानीय विधायक ऋतु खण्डूरी भूषण ने कहा कि कोटद्वार क्षेत्र में लगभग 400 पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस आयोजन को प्रदेश सरकार के वार्षिक कैलेंडर में शामिल कर प्रत्येक वर्ष 31 जनवरी को ‘बर्ड फेस्टिवल दिवस’ के रूप में मनाया जाए।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि जैव विविधता, प्रकृति और जीवन के प्रति संवेदनशीलता का उत्सव है, जो भविष्य में कोटद्वार को इको-टूरिज्म और बर्ड-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

दो दिवसीय फेस्टिवल के पहले दिन 2500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। मैराथन, पेंटिंग, क्विज एवं निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को फेस्टिवल के अंतिम दिन सम्मानित किया जाएगा।

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