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खटीमा को विकास का बड़ा तोहफा, धामी ने 33 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं का किया शिलान्यास–लोकार्पण

 

 

 

खटीमा: मकर संक्रांति और घुघुतिया पर्व के मौके पर खटीमा को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विकास की बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री ने बुधवार को यहां करीब 33 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से तैयार और प्रस्तावित 9 अहम परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इनमें 11 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से बना अत्याधुनिक महाराणा प्रताप हाईटेक बस स्टेशन भी शामिल है, जो अब क्षेत्र की नई पहचान बनने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से जिस बस स्टैंड की जरूरत महसूस की जा रही थी, वह अब हकीकत बन चुका है। यह बस अड्डा न सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी नई दिशा देगा।

नानकमत्ता विधानसभा के लिए बड़ी घोषणाएं

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नानकमत्ता क्षेत्र के लिए कई विकास घोषणाएं भी कीं। इनमें बाला जी मंदिर के सौंदर्यीकरण, ब्रह्मदेव मंदिर (लोहिया पुल, खटीमा) के पुनर्निर्माण, देवभूमि धर्मशाला में कक्ष व हॉल निर्माण, और सोनूखरी–किशनपुर–बरकीडांडी–कैथुला–टुकड़ी मार्ग के हॉटमिक्स सड़क निर्माण की घोषणा शामिल रही।

इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में कई बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिनमें —

“खटीमा मेरा घर है” — मुख्यमंत्री

भावुक अंदाज़ में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खटीमा केवल उनका विधानसभा क्षेत्र नहीं बल्कि उनका परिवार है। उन्होंने यहीं से जनसेवा की शुरुआत की और इस माटी से उन्हें प्रदेश के लिए काम करने की ऊर्जा मिलती है।

उन्होंने कहा कि गदरपुर–खटीमा बाईपास, नौसर में पुल, केन्द्रीय विद्यालय, आधुनिक स्टेडियम, आईटीआई, पॉलीटेक्निक, 100 बेड अस्पताल, सिडकुल, सैन्य स्मारक, पंतनगर एयरपोर्ट, एमकॉम–एमएससी कक्षाएं, एकलव्य विद्यालय, जमरानी बांध और एम्स सैटेलाइट सेंटर जैसे प्रोजेक्ट खटीमा और तराई क्षेत्र का भविष्य बदलने वाले हैं।

कानून–व्यवस्था और शिक्षा पर सख्त रुख

मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगों पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है और नुकसान की भरपाई अब दंगाइयों से ही होगी। उन्होंने बताया कि नए कानून के तहत अवैध मदरसों पर कार्रवाई की गई है और 1 जुलाई 2026 के बाद वही मदरसे चलेंगे जिनमें सरकारी पाठ्यक्रम लागू होगा।

उन्होंने नकल माफियाओं के खिलाफ कड़े कानून, 27 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी और समान नागरिक संहिता जैसे फैसलों को सुशासन की मिसाल बताया।

नेताओं ने जताया आभार

सांसद अजय भट्ट और पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा ने कहा कि हाईटेक बस अड्डा मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट था और महाराणा प्रताप के नाम से इसका नामकरण गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि धामी सरकार के फैसलों को देश के दूसरे राज्य भी अपना रहे हैं।

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