आवारा पशुओं पर सख्ती: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन को लेकर मुख्य सचिव का एक्शन प्लान

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर अब प्रशासन ने रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रम में संबंधित विभागों के साथ अहम बैठक कर सार्वजनिक व भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से आवारा कुत्तों और गौवंश के संबंध में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर और काशीपुर जैसे बड़े शहरों में स्ट्रे डॉग्स और आवारा गौवंश की समस्या पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए क्षेत्रवार नोडल अधिकारियों की तैनाती कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि न्यायालय के आदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित हो सके।

बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं से उत्पन्न हो रही दुर्घटनाओं और खतरे को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने क्रिटिकल लोकेशन चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, आवारा गौवंश के संरक्षण के लिए कांजीहाउस (गौशालाओं) के निर्माण और उनके सुचारु संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और उनके आसपास स्थानीय निकायों के सहयोग से आवारा पशुओं को हटाने की ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इसके साथ ही, मुख्य सचिव ने समाज की सहभागिता पर भी बल देते हुए कहा कि आवारा पशुओं को गोद लेने के लिए लोगों को प्रेरित करने हेतु जागरूकता अभियान चलाए जाएं। पालतू जानवर रखने वालों के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ विषय पर एक स्पष्ट एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार करने के भी निर्देश दिए गए।

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