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इंडिगो पर सवालों की बौछार, यात्रियों की तकलीफ पर पीएम मोदी का दो टूक जवाब

 

 

 

 

TMP: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की फ्लाइट्स पिछले आठ दिनों से लगातार देरी और कैंसिलेशन की मार झेल रही हैं। देश के लगभग सभी बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। लंबी कतारें, मिस होती कनेक्टिंग फ्लाइट्स और घंटों की प्रतीक्षा अब आम बात हो चुकी है, जिससे यात्रियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संकट पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। इंडिगो पर बढ़ते दबाव के बीच पीएम मोदी का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश में कोई भी नियम या प्रक्रिया ऐसी नहीं होनी चाहिए, जिससे जनता को बेवजह परेशानी उठानी पड़े।

सरकार का फोकस — आसान और तेज़ सिस्टम

एनडीए सांसदों की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर दो टूक राय रखी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का हर सुधार आम जनता की सुविधा को केंद्र में रखकर होना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि सिस्टम को सरल बनाना ही सरकार का असली उद्देश्य है और किसी भी तरह की जटिलता आम लोगों के जीवन में उलझन नहीं बढ़ानी चाहिए।

पीएम मोदी ने सांसदों से यह भी अपील की कि वे तेज़, पारदर्शी और प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में सामूहिक प्रयास करें, ताकि जनता को तुरंत राहत मिल सके।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय हरकत में

इंडिगो को लेकर बढ़ती आलोचनाओं के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंत्रालय ने वरिष्ठ अधिकारियों को देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स — मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, पुणे, गोवा और गुवाहाटी — का दौरा करने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों को यात्रियों और एयरलाइन प्रबंधन दोनों से बातचीत कर जमीनी हालात की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि समस्या स्टाफ की कमी, तकनीकी खामियों या किसी आंतरिक ऑपरेशनल कारण से तो नहीं पैदा हो रही।

मंत्रालय का स्पष्ट लक्ष्य है कि आने वाले दिनों में यात्रियों की परेशानी कम से कम हो और उड़ानों का संचालन जल्द सामान्य किया जा सके।

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