कपकोट (बागेश्वर): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने बागेश्वर जनपद भ्रमण के दूसरे दिन केदारेश्वर मैदान, कपकोट में आयोजित विशाल जन सम्मेलन में प्रतिभाग किया। जनसभा में मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में उमड़े जनसैलाब ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री का अभिवादन किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ₹108 करोड़ की 42 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹62 करोड़ की 24 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹45.95 करोड़ की 18 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि जनता की यह भारी उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार विकास के सही मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब, महिलाओं और युवाओं के कल्याण के लिए लगातार प्रभावी योजनाएँ लागू कर रही है। मुख्यमंत्री ने ‘मानस खंड माला’ परियोजना के अंतर्गत धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण की प्रगति की जानकारी भी साझा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन पर्यटन की नई पहल से प्रदेश भर में वर्षभर पर्यटन गतिविधियाँ बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा। उन्होंने बताया कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है। वन डिस्ट्रिक्ट–टू प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत बागेश्वर के परंपरागत ताम्र शिल्प को राष्ट्रीय पहचान मिल रही है। सरयू एवं गोमती नदियों के संरक्षण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं, वहीं बागेश्वर रेल लाइन का सर्वे भी पूर्ण हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने जनसभा में यह भी घोषणा की कि गरुड़ अस्पताल का उच्चीकरण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।
इस अवसर पर विभिन्न स्वायत सहकारिता एवं स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता के चेक भी वितरित किए गए। इनमें संकल्प स्वायत सहकारिता समूह सीएलएफ (हर्षिला) को ₹3 करोड़ 23 लाख, ऊर्जा स्वायत सहकारिता सीएलएफ को ₹22 लाख 50 हजार, तथा एनआरएलएम की संवाद महिला स्वयं सहायता समूह एवं जय गोलू देवता स्वयं सहायता समूह को ₹5-5 लाख के चेक प्रदान किए गए।
कार्यक्रम स्थल पर कृषि, उद्यान, रेशम, सहकारिता, ग्राम्य विकास, महिला सशक्तिकरण, डेयरी, पशुपालन एवं उद्योग विभाग सहित कई विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहाँ आमजन को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया, स्थानीय हस्तशिल्पकारों से संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और उनके कार्य की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्द्धन किया।
