देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास पर राज्य के वरिष्ठ और युवा IAS अधिकारियों की एक अनौपचारिक बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे। यह बैठक प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन (AOC) के संदर्भ में आयोजित की गई थी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह किसी औपचारिक संबोधन का मंच नहीं, बल्कि प्रशासन के प्रति उनकी आत्मीय और संवेदनशील भावनाओं को साझा करने का अवसर है। उन्होंने राज्य की 25 वर्ष की यात्रा में प्रशासनिक तंत्र के समर्पण, निष्ठा और नेतृत्व क्षमता की सराहना की।
सीएम ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा—“ये समय रुकने का नहीं, आगे बढ़ने का है। प्रधानमंत्री मोदी का ‘ये दशक उत्तराखंड का दशक’ है, इसे साकार करना हमारा दायित्व है।”
उन्होंने प्रशासन को तेजी, पारदर्शिता, समयबद्ध निस्तारण और जन-केंद्रित निर्णय लेने पर जोर दिया। सीएम ने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक शिकायतों, विलंब और उदासीनता को आज के नए भारत में स्वीकार नहीं किया जाता।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को याद दिलाया कि यह केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा का दायित्व है। उन्होंने टी.एन. शेषन और नृपेंद्र मिश्र जैसे अधिकारियों के उदाहरण देते हुए कहा—“पद की प्रतिष्ठा सीमित होती है, लेकिन कार्यों का सम्मान आजीवन रहता है।”
मुख्यमंत्री ने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ काम करने और हर योजना को तेजी से धरातल पर उतारने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में मुख्य सचिव ने AOC से जुड़े अनुभव भी साझा किए।
