देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर में आयोजित 28वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कल्पना सैनी और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है कि देवभूमि को इस राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने देशभर से आए 42 टीमों के 3390 खिलाड़ियों, जिनमें 700 से अधिक महिलाएं शामिल हैं, का स्वागत किया।
धामी ने कहा कि “खेल केवल तंदुरुस्ती नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का माध्यम हैं।” उन्होंने बताया कि राज्य में 23 खेल अकादमियां, एक राज्य खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये की सम्मान राशि और ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में आयोजित ग्रीन गेम्स और ‘खेल वन’ पहल की सराहना की, जहाँ पदक विजेताओं के नाम पर 1600 से अधिक रुद्राक्ष वृक्ष लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य का 71% क्षेत्र वनाच्छादित है और सरकार वन्यजीव संरक्षण में ड्रोन सर्विलांस, जीपीएस ट्रैकिंग और डॉग स्क्वॉड जैसी तकनीकों का उपयोग कर रही है। मुआवजा राशि भी बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना” और इको-टूरिज्म की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि “वन अधिकारी और खिलाड़ी दोनों ही हरित भारत और हरित उत्तराखंड के सच्चे दूत हैं।”
उन्होंने सभी प्रतिभागियों से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधा लगाने का आह्वान किया और कहा कि यह आयोजन खेल उत्कृष्टता और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बनकर याद किया जाएगा।
